अगले शुक्रवार को ‘राॅय’ का प्रदर्शन होने जा रहा है जिसमें रनवीर कपूर अतिथि भूमिका में हैं। फिल्म उद्योग में अतिथि भूमिका निशुल्क नहीं होती। इस काम के लिए भी पैसे दिए जाते हैं। ‘रॉय’ का निर्माता यशराज चोपड़ा के साले का बेटा है और पड़ोस में रहने के कारण रनवीरकपूर के साथ बचपन से ही मित्र रहा है।
उसने निर्माता बनने के लिए रनवीर कपूर से प्रार्थना की क्योंकि बड़े सितारे के बिना पूंजी निवेश असंभव होता है। इस फिल्म में मि. रॉय रनवीरकपूर ही है और इस थ्रिलर का केंद्रीय पात्र भी वही है।
रनवीर कपूर ने पंद्रह या बीस दिन की शूटिंग की है जिसे फिल्म में इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि लंबे समय तक वह कथा से गायब नहीं रहे। इस प्रकरण में दोस्ताने के साथ ही यह भी सत्य है कि रनवीरकपूर को भूमिका पसंद भी थी।
फिल्म उद्योग में प्राय: बड़े सितारों के पास अतिथि भूमिका के निवेदन आते हैं और विभिन्न कारणों और भावनात्मक रिश्तों के कारण यह स्वीकार भी किए जाते हैं। मसलन
सलमान खान ने अपनी बहन अलविरा की दो फिल्मों में संक्षिप्त भूमिका की थी।
कुछ इस तरह भी होता है कि दारासिंह ने ‘जोकर’ के लिए राजकपूर से पैसे नहीं लिए तो कुछ वर्ष बाद दारासिंह की एक पंजाबी भाषा में बनी फिल्म में राजकपूर ने छोटी भूमिका निशुल्क की।
‘कुछ-कुछ होता है’ में भी
सलमान खान ने मेहमान अदाकार के तौर पर काम किया परन्तु यश जौहर ने उन्हें पैसे दिए। करण जौहर ने फिल्म के प्रचार में
सलमान खान के नाम का इस्तेमाल नहीं किया परन्तु जब बोनी कपूर की ‘नो एन्ट्री’ में
सलमान खान ने बीस दिन की शूटिंग मेहमान कलाकार की तरह अपने बाजार मूल्य से अाधे पैसों में की तो बोनी कपूर को फिल्म बेचने के लिए सलमान खान के नाम का इस्तेमाल करना पड़ा जिसकी आज्ञा उन्हें सलीम साहब ने दी और मेहनताना बढ़ाया भी नहीं।
प्राय: सितारे अपने रिश्तेदारों की फिल्मों में निशुल्क मेहमान कलाकार होते हैं परन्तु अन्य निर्माताओं की फिल्म में मेहनताना लेते हैं। दिलीपकुमार ने भी कुछ फिल्मों में मेहमान भूमिकाएं की हैं और शुल्क नहीं लिया।
दशकों पूर्व निर्माता मोहनकुमार हीरोशिमा आणविक विस्फोट के शिकार लोगों की पृष्ठभूमि पर ‘अमन’ नामक फिल्म बना रहे थे तो बर्टेन्ड रसैल ने फिल्म के प्रारंभ में आणविक विस्फोट के घातक परिणामों पर पांच मिनट का वक्तव्य नि:शुल्क दिया था। विजय आनंद की देवआनंद अभिनीत ‘काला बाजार’ में चेतन आनंद ने मेहमान भूमिका की था।
हाल ही में प्रदर्शित ‘शमिताभ’ में रेखा ने मेहमान भूमिका की है तथा एक दर्जन निर्देशकों ने भी मेहमान भूमिका अभिनीत की है। अपने मित्र गुलआनंद की चश्मे-बददूर, जलवा और हीरालाल में मेहमान भूमिकाएं कर चुके। महिला सितारों में ‘नरगिस’ ने राजकपूर की ‘जागते रहो’ में मेहमान भूमिका अभिनीत की थी और वह दृश्य उन दोनों के 9 वर्ष में सत्रह फिल्मों के साथ का अंतिम दृश्य था।
राहुल देव बर्मन और मेहमूद गहरे मित्र थे। राहुल ने मेहमूद की ‘भूत बंगला’ में मेहमान कलाकार की भूमिका की थी। महेश भट्ट ने अपने मित्र अमित खन्ना की फिल्म में मेहमान भूमिका की थी। राजकपूर की ‘बॉबी’ के अंतिम भाग के एक दृश्य में प्रेम चोपड़ा की मेहमान भूमिका का एक संवाद वे आज तक समारोह में बोलते है- ‘प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा कहते हैं मुझको’।
राजकपूर संतोषी की ‘अंदाज अपना अपना’ में सलमान खान और अमिर खान नायक थे और संतोषी की बाद की कई फिल्मों मेें सलमान खान ने एक दृश्य किया है। संतोषीकी रनवीर कपूर कटरीना कैफ अभिनीत ‘अजब प्रेम की गजब प्रेम कहानी’ में सलमान खान की मेहमान भूमिका केवल मनोरंजक भी परन्तु उसमें भविष्य का संकेत भी इस तरह है कि खिलंदड़ पात्र रनवीर सलमान खान को अपना मित्र कहने की गप्प मारता है परन्तु दृश्य में सलमान उसकी प्रेम-कथा के लिए उसका साथ देते हैं। आज वह अफसाना हकीकत हो गया।