गैजेट डेस्क। हार्टब्लीड के बाद अब एक नया इंटरनेट बग यूजर्स की सिक्युरिटी के लिए खतरा बन गया है। साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार "Bash (बैश)" नाम का ये बग सभी यूनिक्स (UNIX) पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे लाइनक्स, मैक ओएस X आदी को काफी नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या है बैश-
दरअसल बैश एक सॉफ्टवेयर है जो यूनिक्स के कमांड प्रॉम्प्ट (रूट लेवल) पर काम करता है। बैश सॉफ्टवेयर में मौजूद बग का फायदा उठाकर टारगेट किए गए सिस्टम का पूरा कंट्रोल हासिल कर सकते हैं। अमेरिकी कम्प्यूटर इमरजेंसी रेडिनेस टीम (US-CERT) ने इस बग को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि यूनिक्स पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले लाखों कम्प्यूटर्स मौजूद हैं। ऐसे में हैकर्स किसी भी तरह की जानकारी बैश में सिर्फ एक कोड लाइन (प्रोग्राम) जोड़ कर हासिल कर सकते हैं।
हार्टब्लीड से भी खतरनाक-
इस साल अप्रैल में हार्टब्लीड बग के कारण जीमेल,
फेसबुक आदी बेवसाइट्स के पासवर्ड्स बदले गए थे। लाखों यूजर्स ने हार्डब्लीड बग से बचने के लिए अपनी इंटरनेट सर्विसेज के पासवर्ड बदल लिए थे, लेकिन बैश बग के लिए इतना आसान उपाय नहीं होगा। इसके लिए सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर्स और सॉफ्टवेयर कंपनियों को अलग से पैच जारी करने होंगे। हार्टब्लीड हैकर्स को कम्प्यूटर की जासूसी करने देता था, लेकिन उसपर कमांड नहीं कर सकते थे। बैश बग की मदद से कम्प्यूटर पर कमांड करना हैकर्स के लिए आसान हो गया है।
शेलशॉक-
शेल एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो यूजर्स की कमांड्स को कम्प्यूटर की भाषा में बदलता है। इस प्रक्रिया में बैश बग की मदद से हैकर्स कोई भी कोड जोड़ सकते हैं। इसीलिए इसे शेलशॉक भी कहा जा रहा है।
क्यों है ज्यादा खतरनाक-
अगर हैकर्स कम्प्यूटर पर पूरा कंट्रोल कर लेते हैं तो इससे इंटरनेट सर्वर्स पर भी खतरा हो सकता है। दरअसल मैक ओएस और कई लाइनक्स पर आधारित सिस्टम्स के जरिए वेबसर्वर्स तक पहुंचा जा सकता है। ऐसे में लाखों यूजर्स की सिक्युरिटी को खतरा हो सकता है।
मिली है 10 रेटिंग-
साइबर सिक्युरिटी फर्म रेपिड 7 के इंजीनियरिंग मैनेजर टोड ब्रडस्ले (Tod Beardsley) का कहना है कि बग को 10 रेटिंग मिली हैं, इसका मतलब है कि इससे हैकर्स आसानी से अटैक कर सकते हैं।