अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग ने चार दशक पहले (1969 में) अपोलो-11 मिशन के दौरान चंद्रमा पर ‘मून वॉक’ की थी। वहां उस पल के फोटो जिस कैमरे से लिए गए थे, वह अब सामने आया है। यही वह कैमरा है, जिससे नील ने चंद्रमा की सतह और वहां के वातावरण के दृश्यों को कैमरे में कैद कर दुनिया को दिखाया था। यह पहला ऐसा अवसर था, जब दुनिया ने चंद्रमा को देखा था।
यह कैमरा अब तक किसी के सामने नहीं आया था। वर्ष 2012 में नील के इस दुनिया से चले जाने के बाद एक दिन उनकी पत्नी को साफ-सफाई के दौरान अलमारी में वह बैग मिला, जिसमें 16एमएम का मूवी कैमरा और नील से संबंधित चीजें थीं। फिलहाल यह कैमरा अमेरिका के नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूज़ियम में है, जिसे प्रदर्शित किया गया है। वहां के स्पेस हिस्ट्री क्यूरेटर एलन नीडल ने बताया कि यह बहुत महत्वपूर्णकैमरा नहीं है। इसने चंद्रमा की सतह के अलावा 19वीं सदी की वह तस्वीरें ली थीं, जो आज भी यादगार हैं। म्यूज़ियम ने जून 2013 में आग्रह करके नील की पत्नी से यह बैग ले लिया था। उसकी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद म्यूज़ियम ने तय किया कि इसे सभी लोगों के सामने लाना चाहिए।
कपड़े के बैग में कैमरे के साथ वह चीजें भी हैं, जो नील ने चंद्रमा मिशन पर जाने के दौरान अपने साथ रखी थीं। उसमें हुक, बेल्ट व अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं। उनका इस्तेमाल यान से उतरते व ग्रह पर चलने के दौरान सुरक्षा के लिए किया जाता था।