गैजेट डेस्क। एप्पल कंपनी के सबसे लोकप्रिय कम्प्यूटर मैकिंटोश (Apple Macintosh) को 24 जनवरी 2014 को 30 साल पूरे हो गए हैं। 24 जनवरी 1984 को यह पहली बार दुनिया के सामने पेश किया गया था। मैकिंटोश कम्प्यूटर अपने जमाने का सबसे महंगा और सबसे तेज कम्प्यूटर हुआ करता था। स्टीव जॉब्स का ड्रीम चाइल्ड कहा जाने वाला मैकिंटोश कम्प्यूटर एप्पल कंपनी के कुछ सबसे ज्यादा बिकने वाले गैजेट्स में से एक है।
मैकिंटोश कम्प्यूटर को भले ही स्टीव जॉब्स से जोड़ा जाता हो, लेकिन क्या आपको पता था कि अपने आप में दुनिया के पहले डेस्कटॉप पीसी की तरह लॉन्च किया गया मैकिंटोश कम्प्यूटर स्टीव जॉब्स का आइडिया नहीं था, इतना ही नहीं मैकिंटोश बनाने वाली टीम में भी स्टीव जॉब्स नहीं थे। इसके पीछे दिमाग था जेफ रैस्किन का जो एप्पल के मैनेजर थे। जेफ की टीम ने मैक पर काम तब शुरू किया जब जॉब्स एप्पल लीसा पर काम कर रहे थे। मैक बहुत सफल रहा और लीसा बुरी तरह से फेल हो गया।
इस बात से एक और बात सामने आती है की एप्पल की तरफ से बनाए गए सभी प्रोडक्ट्स हमेशा राज रखे जाते हैं। एप्पल कंपनी की तरफ से हमेशा जॉब्स का ही नाम सामने आया, लेकिन टीम के बारे में कभी कोई बात नहीं कही जाती है। कंपनी के बारे में यह भी कहा जाता है कि किसी प्रोजेक्ट पर काम करने वाले लोगों को एक जगह बंद कर दिया जाता है। वो लोग तब ही बाहर आ सकते हैं जब प्रोडक्ट का लॉन्च तय हो जाए। एप्पल कंपनी द्वारा अपने हर प्रोडक्ट को राज रखने की आदत लोगों के बीच हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है। एप्पल के बारे में जितनी भी अफवाहें आती हैं वह सभी कंपनी द्वारा कराए गए पेटेंट्स के जरिए अनुमानित होती हैं।
एप्पल के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने इस बात का खुलासा किया है कि कंपनी की बातें इतनी गोपनीय कैसे रहती थीं। इन लोगों में कंपनी के शुरुआती दिनों में 70 के दशक में काम करने वाले कर्मचारियों से लेकर कंपनी के साथ डील करने वाले भी शामिल थे।
आगे की स्लाइड्स पर जानिए कर्मचारियों के खुलासे, साथ ही जानें एप्पल कंपनी से जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्स, कैसे पड़ा इसका नाम एप्पल-