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एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी थी: हेडली

5 वर्ष पहले
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अहमदाबाद। अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दे रहे आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया है कि अहमदाबाद में एनकाउंटर में मारी गई लड़की इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की ही आतंकी थी। बता दें कि गुजरात में हुए इस एनकाउंटर को विरोधी दलों ने फर्जी बताया था। हेडली के खुलासे के बाद बीजेपी ने सवाल किया है कि इशरत को बेटी बताने वाले अब कहां गए...?
- इशरत जहां 15 जून 2004 को जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लई और पाकिस्तान के दो शख्स अमजद अली और जीशान जोहर अब्दुल गनी के साथ अहमदाबाद के बाहरी इलाके में एनकाउंटर में मारी गई थी।
- इस एनकाउंटर को लेकर देश में बड़ा विवाद छिड़ा था।
- तब भी यह कहा गया था कि इशरत लश्कर के फिदायिन दस्ते में शामिल थी। उसे लश्कर के मुजामिल ने अपने दस्ते में शामिल किया था।
- हेडली के इस खुलासे से गुजरात पुलिस और केंद्र के रुख की पुष्टि हुई है।
- हालांकि, इशरत के परिवार ने दावा किया था कि इशरत एक स्टूडेंट थी।
इशरत के साथ और कौन-कौन मारा गया था?
प्रणेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख: नकली नोटों की तस्करी में शामिल था। इशरत का दोस्त था।
अमजद अली राणा: पाकिस्तानी नागरिक था। उसके बारे में कभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई।
जीशान जौहार: कहा जाता है कि पाकिस्तानी नागरिक था। अमजद और जीशान की लाशों पर किसी ने भी दावा नहीं किया था।
तब भी उठे थे सवाल
- इस एनकाउंटर को लेकर देश में बड़ा विवाद छिड़ा था।
- तब भी यह कहा गया था कि इशरत लश्कर के फिदायीन दस्ते में शामिल थी। उसे लश्कर के मुजामिल ने अपने दस्ते में शामिल किया था।
- जावेद शेख को इशरत का व्बॉयफ्रेंड बताया गया था। कुछ डॉक्युमेंट्स भी बरामद हुए थे।
- अब हेडली के इशरत पर खुलासे से गुजरात पुलिस और केंद्र के रुख की पुष्टि हुई है।
अलग-अलग दावे थे खुफिया एजेंसियों के
- 2013 में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में इशरत जहां को एक तरह से बेगुनाह बताते हुए उसे केवल कॉलेज स्टूडेंट बताया था।
- आईबी ने सीबीआई की थ्योरी का खारिज करते हुए पूछा कि मुंबई की स्टूडेंट हथियारों के साथ अहमदाबाद क्यों पहुंची? अगर किडनैप की गई थी तो फैमिली ने रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई?
- आईबी ने उसे लश्कर आतंकी बताते हुए पूछा था कि मारे गए लोगों के पास हथियार कहां से आए थे?
कांग्रेस नेताओं की भी नहीं थी एक राय
- कांग्रेस महासचिव दिग्वजय सिंह ने तीन साल पहले तब की यूपीए सरकार से पूछा था कि इशरत का सच क्या है? क्यों देश की दो सबसे बड़ी जांच एजेंसियां उस पर अलग-अलग नजरिया रखती हैं?
- तब के होम मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने जांच का भरोसा दिया। हालांकि उन्होंने कभी इस एनकाउंटर को फर्जी नहीं बताया। इसको लेकर पार्टी के कुछ नेता उनसे नाराज भी हुए थे।
- अमेरिका में हेडली ने जो गवाही दी थी उसमें भी उसने इशरत को लश्कर आतंकी ही बताया था। इसके बाद यूपीए के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी।
कौन-कौन पुलिस अफसर फंसे थे इस एनकाउंटर में?
- सीबीआई ने पूर्व डीआईजी डीजी वंजारा समेत 7 लोगों को आरोपी बनाया था।
- डीजी वंजारा: उनका नाम सोहराबुद्दीन-तुलसीराम एनकाउंटर के बाद इशरत जहां मामले में भी सामने आया था। कोर्ट की इजाजत के बाद सीबीआई ने 2013 में उन्हें साबरमति जेल से हिरासत में लिया था।
- सीबीआई के मुताबिक, वंजारा ने डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (डीसीबी), अहमदाबाद की टीम को लीड किया था। प्लानिंग उन्हीं की थी। इसी टीम ने इशरत और उसके साथियों का एनकाउंटर किया था।
- डीएसपी जेजी. परमार: परमार सादिक जमाल एनकाउंटर में जेल में थे। उन्हें भी इस केस में आरोपी बनाया गया।
- एसीपी एनके अमीन: अमीन एनकाउंटर करनेवाली क्राइम ब्रांच की टीम को स्पॉट पर लीड कर रहे थे।
- एडीजीपी पीपी पांडे: ये भी इसी मामले में गिरफ्तार हुए थे। सीबीआइ का दावा है कि पांडे ही इस एनकाउंटर के मास्टरमाइंड थे।
गुरुवार को कोर्ट में हेडली ने क्या बताया?
- 2009 में शिकागो से अरेस्ट 55 साल के दाऊद गिलानी उर्फ हेडली की मुंबई की स्पेशल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही चल रही है।
- हेडली पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी सिटिजन है। वह अमेरिकी जेल में बंद है।
- मुंबई में स्पेशल कोर्ट ने 10 दिसंबर, 2015 को 26/11 आतंकी हमलों के मामले में हेडली को वादा माफ गवाह बनाते हुए उसे 8 फरवरी को पेश होने के ऑर्डर दिए थे।
- हेडली ने अपनी गवाही के चौथे दिन गुरुवार को कहा, ‘लश्कर-ए-तैयबा का एक ऑपरेशन था जिसमें किसी नाके पर पुलिस को शूट करने की साजिश थी। इसमें लश्कर-ए-तैयबा की महिला इशरत जहां शामिल थी।’
- स्पेशल प्रॉसिक्यूटर उज्जवल निकम ने बताया कि गवाही के दौरान हेडली से खासतौर पर पूछा गया था कि क्या लश्कर में कोई महिला फिदायीन हमलावर शामिल है?
- निकम ने कहा कि पहले तो हेडली ने इनकार किया लेकिन बाद में इशरत जहां का नाम लिया। उसने यह भी बताया कि अबु आयमान मजहर लश्कर की महिला विंग का इन्चार्ज था।
आगे की स्लाइड्स में देखें इशरत जहां से जुड़े फोटो..
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