पीएम मोदी की भतीजी का निधन, ट्यूशन-सिलाई से होता था जीवन निर्वाह

6 वर्ष पहले
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अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी के 42 साल की बेटी का हृदय की लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। आज सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी भतीजी निकुंजबेन जगदीश कुमार मोदी की पारिवारिक स्थिति बहुत ही सामान्य थी। वह सिलाई का काम करते हुए अपना जीवन-निर्वाह करती थीं। उनकी फोटो भी उपलब्ध नहीं…
मोदी के परिवार की सादगी इतनी थी कि उनके परिवार में उनकी इस भतीजी निकुंज बेन की कोई तस्वीर भी उपलब्ध नहीं हो पाई। अब प्रधानमंत्री अपने जन्म दिन पर जब गुजरात आएंगे, तब वे यहां अपने भाई से मिलने आएंगे, ऐसी संभावना जताई जा रही है। यह कहा जा रहा है कि पीएम की भतीजी का निधन होने के कारण वे अपना जन्म दिन बहुत ही सादगी से मनाएंगे। भतीजी निकुंज बेन ट्यूशन भी पढ़ाती थीं, उनका दस वर्ष का बेटा भी है। उन्होंने कभी अपने चाचा का नाम किसी के सामने नहीं लिया। न ही किसी से किसी प्रकार की सहायता ही ली। अहमदाबाद के बोपल में वे एक किराए के मकान में रहती थीं।
निकुंज बेन के पति एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे
निकुंज बेन के पति जगदीश कुमार एक निजी कंपनी मं नौकरी करते थे। उनका दस वर्ष का एक बेटा भी है। अपनी जीविका चलाने के लिए पति के साथ निकुंजबेन प्राथमिक शाला के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। घर में सिलाई का काम करती थी।
प्रहलाद भाई राशन एसोसिएशन डीलर हैं
नरेंद्र मोदी का जन्म वडनगर में हुआ था। वे कुल 6 भाई-बहन हैं। उनके पिता दामोदर दास मोदी वडनगर में चाय की दुकान चलाते थे। नरेंद्र मोदी के सबसे बड़े भाई सोमाभाई गुजरात के स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी थे। अमृत भाई उनके दूसरे भाई है। वे अहमदाबाद में लेथ मशीन ऑपरेटर हैं। प्रहलाद भाई राशन एसोसिएशन डीलर है। पंकज भाई मोदी सबसे छोटे हैं।
प्रधानमंत्री से बहुत ही कम मुलाकात
प्रहलाद भाई की अपने भाई के साथ मुलाकात बहुत ही कम हो पाती है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था किवे कभी-कभी ही दिल्ली जाते हैं। पर अपने भाई से मिलने नहीं जाते। प्रधानमंत्री बनने के बाद जब नरेंद्र मोदी मां का आशीर्वाद लेने गांधीनगर आए थे, तब भी उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी। उन्होंने बताया कि पीएम के भाई होने का लाभ वे नहीं लेते। हां पीएम का भाई होने के नाते उन्हें प्रोटोकाल के अनुसार सिक्योरिटी दी गई है।
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