अहमदाबाद। ‘टैलैंट क्राइसिस’ से गुजर रहे हीरा उद्योग अब महिलाशक्ति की ओर देख रहा है। अहमदाबाद में पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित हीरे का पहला कारखाना शुरू हुआ है। इसमें अभी 80 महिलाएं काम कर रही हैं। इस तरह का अगला केन्द्र भावनगर में होगा।
महिला हीरा कारखाना के प्रमोटर तेजा देसाई कहते हैं कि उनकी योजना अगले तीन साल में महिला कर्मचारियों की संख्या 300 तक ले जाने की है। तीन महीने के प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को भुगतान शुरू हो जाता है। हीरा उद्योग में कर्मचारियों की कमी है। जो हैं भी वे ऊंचा वेतन मांगते हैं। इसी वजह से महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान दक्षता बढ़ाने के उपाय किए जाते हैं। सुरक्षा उपाय बताए जाते हैं। खदान कंपनी रियो टिन्टो डायमंड के चीफ कमर्शियल ऑफिसर जेन मॉर्क कहते हैं कि एक साल में हीरा उद्योग में महिला कर्मचारियों की सख्या 20 प्रतिशत बढ़ी है। रियो टिन्टो का 70 प्रतिशत हीरा भारत के बाजार में आता है।