गुलबर्ग सोसायटी पीड़ितों के साथ धोखाधड़ी मामले में जांच हुई तेज

8 वर्ष पहले
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अहमदाबाद। गुलबर्ग सोसायटी पीडि़तों के साथ धोखाधड़ी मामले में जांच तेज पकड़ रही है। आने वाले दिनों में पूर्व आईपीएस आर बी श्रीकुमार एवं फॉदर सैड्रिक प्रकाश को क्राइम ब्रांच बयान के लिए तलब कर सकती है। कुमार दंगों के समय गुजरात में तैनात थे। दंगा पीडि़तों के पक्ष में आवाज उठाते रहे हैं। जांच में सामने आया है कि ये लोग अमेरिका में चंदा जुटाने संबंधी कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे।
सीजेपी-सबरंग के खातों का विवरण तलब:
दूसरी ओर तफ्तीश के क्रम में अब तीस्ता की दो संस्थाओं के खातों का दस साल का स्टेटमेंट संबंधित बैंकों से तलब किया गया है। इनमें एक राष्ट्रीयकृत बैंक है जबकि दूसरी निजी क्षेत्र का। ये तीस्ता के सिटीजन फॉर पीस एंड जस्टिस (सीजेपी) एवं सबरंग नामक संगठन के खाते हैं। इन खातों में दंगा पीडि़तों की सहायतार्थ अपील के तहत विदेश से आया पैसा जमा हुआ था। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने आईडीबीआई से 2003 से अब तक सीजेपी के खाते से हुए लेनदेन का विवरण तलब किया है। इसी तरह यूनियन बैंक से सबरंग संगठन के खाते का विवरण मांगा गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाल व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में जांच एजेंसी सायबर एक्ट की धारा जोड़ चुकी है। तीस्ता, उनके पति जावेद आनंद व तन्वीर जाफरी सहित पांच पर दंगा पीडि़तों के नाम पर जुटाए चंदे की राशि का निजहित के लिए उपयोग करने के आरोप हैं।
गुलबर्ग कांड पीडि़तों की शिकायत पर रविवार को ही अहमदाबाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।
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