(इशरत जहां व उसके अन्य साथियों के एनकाउंटर की फाइल फोटो)
अहमदाबाद। विशेष सीबीआई अदालत ने इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी दो पुलिस अधिकारियों की अर्जियों को विचारार्थ स्वीकार कर लिया, जिनमें उन्होंने अपनी जमानत की उस शर्त को बदलने की मांग की है जो उनके गुजरात से बाहर जाने पर रोक लगाती है। न्यायाधीश गीता गोपी ने आईपीएस अधिकारियों जीएल सिंघल और अनाजू चौधरी की याचिकाओं को विचारार्थ मंजूर किया।
हालांकि सीबीआई ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि अगर उन्हें गुजरात के बाहर जाने की इजाजत दी गई तो वे फरार हो सकते हैं या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। लेकिन आरोपी अधिकारियों के वकील ने दलील दी कि वे देश छोड़ने की मांग नहीं कर रहे और मामले में अधिकतर गवाह पुलिस अधिकारी हैं जो गुजरात में रहते हैं। सिंघल को इस साल मई में राज्य रिजर्व पुलिस में समूह कमांडेंट केे तौर पर सेवा में बहाल किया गया था।