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डाउनलोड करेंवलसाड। स्थानीय श्रमिक अदालत के जज दिलीप चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। चौधरी पर उनकी ही अदालत की एक महिलाकर्मी ने छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था।
महिला का पीछा करने और उसके घर के पास पहुंच कर हंगामा मचाने पर तीन दिन पहले चौधरी व अन्य दो खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। सोमवार को पुलिस ने जज को गिरफ्तार किया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
क्या है मामला :
पुलिस के अनुसार, श्रम न्यायालय के न्यायाधीश डीएस चौधरी अपनी महिला टाइपिस्ट को पिछले तीन महीने से परेशान कर रहे थे। वलसाड जिले की रहने वाली उस लड़की ने इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दी। गुरुवार को वह बस से उतरकर अपने पिता के साथ एक दोपहिया वाहन से घर लौट रही थी। चौधरी उसका पीछा करते हुए उसके गांव तक पहुंच गए। लड़की के पिता ने जज को चेताया लेकिन वह नहीं माने। गांव वाले जुट गए और उन्होंने चौधरी की पहले पिटाई की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के समय पुलिस को जज की कार में बीयर की बोतल भी मिली। इसी वजह से निषेध कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार, यदि किसी जज को गिरफ्तार करना हो तो पहले हाई कोर्ट से इजाजत लेनी होती है। इसे देखते हुए पुलिस ने गिरफ्तारी से हाईकोर्ट से इजाजत ली और जज को गिरफ्तार कर लिया।
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