अहमदाबाद. भारतीय रेलवे का सबसे शक्तिशाली 5500 होर्स पावर की क्षमतावाला डीजल लोकोमोटिव इन्जन ‘भीम’ गुजरात में चलेगा। इसे अहमदाबाद के वटवा यार्ड से गांधीधाम मुंद्रा तक चलाया जाएगा।
रेलवे की लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाईन एन्ड स्टैन्डर्ड ओर्गेनाईजेशन में इसका डिजाइन तैयार किए जाने के बाद उसे वाराणसी के लोकोमोटिव वर्क्स में तैयार किया गया है। इन्जन का निर्माणकार्य पूरा होने के बाद उसे अहमदाबाद के साबरमती डिविजन को दिया गया।
इस इंजन में पहली बार ड्राइवर के लिए टॉइलेट की सुविधा भी दी गई है। 18 करोड़ रुपए की लागत में तैयार हुआ यह इंजन 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ता है। इस इंजन के पहले ट्रायल के लिए उसे अहमदाबाद के वटवा गुड्स यार्ड से गांधीधाम मुंद्रा तक चलाया जाएगा।
एसी-हीटर की सुविधा भी
ड्राइवर के केबिन में एसी और हीटर की सुविधा के साथ ही उसे थर्मो एकोस्टिंग इन्स्युलेटेड वोल के साथ बनाया गया है, जो क्रू के सदस्यों को इंजन की भारी आवाज से बचाती है। ओटो इंजन स्टार्ट एन्ड स्टॉप सिस्टमवाले इस इंजन में इलेक्ट्रो मोटिव डीजल इलेक्ट्रॉनिक कन्ट्रोल व इलेक्ट्रॉनिक यूनिट इन्जक्टर लगाए गए हैं। जो डीजल की खपत को कम करते हैं। ट्रेड ब्रेक यूनिट विथ ऑटो स्लेक एडजस्टर के साथ फुली कंप्यूटराइज्ड सिस्टम भी लगाए गए हैं।
दुर्घटना में खुद रुकेगा
संपूर्ण कम्प्यूटराइज्ड सुविधावाले इस इंजन में चलाने के समय अगर कोई दुर्घटना होती है तो यह इंजनअपने आप ही रुक जाता है। अगर 10 मिनट तक इंजन में अगर कोई मूवमेन्ट न हो तो पहले 8 सेकन्ड तक लाल लाइट होती है। इस समय ड्राइवर को बीप बटन दबाना रहता है। ड्राइवर बटन नहीं दबाता तो इंजन में अलार्म बजने लगता है। इस पर भी ड्राइवर की ओर से प्रतिक्रिया नहीं दी जाती तो ड्राइवर सो गया है ऐसा मान कर इंजन अपने आप ही रुक जाएगा।