अहमदाबाद। साल 2002 के दंगों की जांच करने वाले दो सदस्यीय आयोग ने एक बार फिर कार्यकाल विस्तार मांगा है। मंजूरी मिली तो आयोग का यह 24वां कार्यकाल विस्तार होगा। पूर्व न्यायाधीश जी टी नानावटी एवं अक्षय महेता आयोग गोधरा कांड इसके बाद गुजरात में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की जांच कर रहा है। आयोग गोधरा कांड पर अंतरिम रपट सौंप चुका है। सांप्रदायिक हिंसा के मामले में आयोग की रिपोर्ट आने वाली है।
12 वर्ष से ज्यादा समय हो चुका है:
जांच आयोग का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा था। इस तरह आयोग की अवधि 23वीं बार बढ़ाई गई थी। आयोग ने राज्य सरकार से अवधि बढ़ाने को लेकर गुहार लगाई थी। राज्य सरकार ने गत वर्ष दिसम्बर में आयोग का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ाया था। आयोग के गठन को 12 वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है। राज्य सरकार ने जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत मार्च 2002 में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जी.टी. नानावटी की अध्यक्षता में दो सदस्यीय आयोग का गठन किया था। जून 2004 में राज्य सरकार ने आयोग के जांच के दायरे को बढ़ाते हुए दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों व पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच को भी कहा था।