फोटो: सद्भावना सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मौलाना हसन (बायीं ओर)
अहमदाबाद। विश्व हिन्दूपरिषद ने नवरात्रि पर टिप्पणी को लेकर रविवार को मौलाना मेहदी हसन की गिरफ्तारी की मांग की। विहिप ने ‘गरबा’ आयोजन के दौरान मुस्लिम युवकों के प्रवेश को रोकने के लिए राज्य में आंदोलन का भी आह्वान किया। खेडा जिले की थासरा तालुका के रूस्तमपुरा निवासी हसन तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने 2011 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके सद्भावना उपवास के दौरान टोपी पहनाने की कोशिश की थी। विहिप एक स्थानीय गुजराती अखबार को दिए गए उनके साक्षात्कार को लेकर गुस्से में है। इसमें उनके हवाले से कहा गया था कि ‘नवरात्रि राक्षसों का त्योहार है, क्योंकि इसमें शराबी भाग लेते हैं।’
साक्षात्कार प्रकाशित हुआ था:
विहिप शहर इकाई महासचिव रणछोड़ भारवाड ने संवाददाताओं से कहा कि हसन की टिप्पणी हिन्दू धर्म का अपमान करने लिए जान-बूझकर किया गया प्रयास है।
गलत मतलब निकाला गया : हसन
संपर्क करने पर हसन ने पत्रकारों से कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत संदर्भ में लिया गया है। उनके कहने का मतलब यह था कि ‘हिन्दुओं को पर्व गरिमा बनाए रखने लिए ऐसे तत्वों से दूर रखना चाहिए।’