राजकोट. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एतराज के बाद राजकोट जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से राजकोट में उनका मंदिर तोड़ दिया।
मंदिर तोड़े जाने से पहले मोदी की मूर्ति वहां से हटा ली गई थी। बताया जा रहा है कि राजकोट के कथूरिया गांव में मंदिर के निर्माण पर सात लाख रुपए खर्च किए गए थे। सिर्फ मूर्ति बनाने में दो लाख रुपए खर्च हुए थे। सैकड़ों गांववालों ने चंदा देकर मंदिर का निर्माण करवाया था। 15 फरवरी को इस मंदिर को जनता के लिए खोला जाना था।
भारत माता का मंदिर बनना था
राजकोट की कोठरिया ग्राम पंचायत ने कुछ साल पहले ग्रुप को भारत माता मंदिर बनाने के लिए 3150 वर्गफुट (350 वर्ग गज) का प्लॉट दिया था। लेकिन मोदी के प्रशंसकों ने इस पर मोदी का मंदिर बनाने का फैसला किया।
पीएम ने जताई थी नाराजगी
पीएम ने ट्वीट कर अपना मंदिर बनाए जाने पर नाराजगी जता दी थी। पीएम मोदी ने
ट्विटर पर लिखा था, 'मेरे नाम पर बन रहे मंदिर की खबरों के बारे में पता चला। इससे मुझे दुख पहुंचा है। यह भारत की महान परंपरा के खिलाफ है। हमारी संस्कृति इस तरह मंदिर बनाना नहीं सिखाती। व्यक्तिगत तौर पर मुझे बहुत दुख हुआ है। मैं अनुरोध करता हूं कि ऐसा न किया जाए। जो लोग ऐसा करना चाहते हैं, वे अपना वक्त और संसाधन मेरे क्लीन इंडिया के सपने को पूरा करने में लगाएं।'
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