जिस एसटीएम से आंदोलन हुआ, वहीं के व्यापारियों का फैसला- खोलेंगे दुकानें

4 वर्ष पहले
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सूरत. सूरत में जीएसटी के खिलाफ व्यापारियों के आंदोलन में सबसे बड़ा मोड़ शुक्रवार को आया। जिस एसटीएम कपड़ा मार्केट में विरोध का आगाज हुआ था, पूरी रूपरेखा बनी थी, वही एसटीएम अब सबसे पहले शनिवार को खुलने जा रहा है। मार्केट के कपड़ा व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पुलिस आयुक्त सतीश कुमार शर्मा से शनिवार को दुकानें खोलने में मदद व प्रोटेक्शन की मांग की। पुलिस आयुक्त ने भी व्यापारियों को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। जीएसटी के खिलाफ लड़ाई में बड़ा मोड़...
 
- शहर में धारा 144 लागू, बिना अनुमति रैली न निकालने की चेतावनी
- एसाेसिएशन के अनुसार करीब 500 से ज्यादा व्यापारी दुकानें खोलेंगे
- हालांकि रघुकुल सहित अधिकतर कपड़ा मार्केट में दुकानें रहेंगी बंद
 
500 व्यापारी दुकान खोलेंगे
- एसटीएम के व्यापारी नरेंद्र साबू ने कहा कि पुलिस आयुक्त से बात हुई है। उन्होंने प्रोटेक्शन का आश्वासन दिया है। वैसे भी दुकानेंं खोलना हमारा अधिकार है। 
- शनिवार को करीब 500 व्यापारी दुकान खोलेंगे। हालांकि, अभी भी अधिकतर मार्केट बंद के समर्थन में बने हुए हैं। इधर, पुलिस आयुक्त ने शुक्रवार शाम शहर में धारा 144 लागू कर दी। 
- उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के 4 से अधिक व्यापारी न तो एक जगह इकट्ठे हों और न ही कोई रैली निकालें अन्यथा गिरफ्तार किया जाएगा। इससे पूर्व गत बुधवार और गुरुवार को भी पुलिस आयुक्त से 30 व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल मिला था। 
- उन्होंने प्रोटेक्शन मांगने साथ कहा था कि सबसे पहले एसटीएम मार्केट को खोला जाए। इस पर भी पुलिस आयुक्त ने सहमति जताकर प्रोटेक्शन देने का आश्वासन दिया था। अब एसटीएम के व्यापारी शनिवार सुबह 9:30 बजे दुकानें खोलेंगे। दूसरी ओर रघुकुल मार्केट सहित अन्य बड़े मार्केट शनिवार  को पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। इन  मार्केट के व्यापारियों ने विरोध जारी रखने की बात कहीं है।
 
 
एसोसिएशन ने बढ़ाई गार्ड्स की भी संख्या
एसटीएम मार्केट के अध्यक्ष फूलचंद राठौड़ का कहना है कि भारी नुकसान के कारण मार्केट के सारे कपड़ा व्यापारी दुकान खोलना चाहते हैं। हम भी जो दुकान खोलना चाहते हैं उन्हें पूरा पूरा प्रोटेक्शन देंगे। इसके लिए मार्केट एसोसिएशन ने भी गार्ड की संख्या में बढ़ोतरी की व्यवस्था की है। पुलिस भी हमारी सहायता करेगी।
 
 
 
 दिनभर क्या हुआ ..
 
संघर्ष समिति ने पकड़ा हंगामा करने वाले को, तो बोला - प्रॉपर्टी ब्रॉकर हूं

- जीएसटी के खिलाफ चल रहे कपड़ा व्यापारियों के आंदोलन में शुक्रवार को दिनभर हंगामा होता रहा। जीएसटी संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को प्रस्तावित लंगर की मंजूरी पुलिस ने नहीं दी। वहीं, 14 दिन से अनशन कर रहे हितेश संकलेचा भी शुक्रवार को 24 घंटे अनशन करने वाले थे। उन्हें भी मंजूरी नहीं दी गई। 
- इसी बीच सुबह 11:30 बजे पुलिस संकलेचा को चेकअप के लिए सिविल अस्पताल ले गई। दूसरी ओर अत्तर सिंह को भी गिरफ्तार करने की अफवाह पूरे बाजार में फैल गई। इससे व्यापारियों में रोष फैल गया और सब रास्ते पर उतर आए। रिंग रोड जाम कर दिया। शाम 6 बजे तक व्यापारी यहां डटे रहे।
 
सहारा दरवाजा पर जाम लगाने पहुंचे
- रिंग रोड जाम करने के बाद लोग जाम लगाने सहारा दरवाजा पहुंचे। पुलिस भी उनके पीछे गई। रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम नहीं हो, इसलिए पुलिस ने डायवर्जन कर दिया। सहारा दरवाजा और कमेला दरवाजा पर रेलिंग रख डायवर्जन दिया।
पुलिस ने बनाए रखा संयम : रिंग रोड को जाम कर देने, पुलिस-नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करने और पुलिस की बार-बार चेतावनी को नजरअंदाज करने के बावजूद पुलिस ने संयम बनाए रखा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सहारा दरवाजा के पास ब्रिज पर जाकर वाहन रोक जाम लगाने का प्रयास किया।
असामाजिक लोग भी शामिल : कपड़ा व्यापारी बनकर ऐसे भी कुछ लोग हड़ताल में शामिल हो गए, जिनका कपड़ा कारोबार से कोई लेना देना नहीं। वही लोग आगे चलकर पुलिस को उकसा रहे थे।
 
पुलिस ने दौड़ाया : रिंगरोड से भगाया तो सहारा दरवाजा पर पहुंच गए
- रिंग रोड जाम की तो डीसीपी आरएफ संगाड़ा के आदेश पर महिधरपुरा थाने के इंस्पेक्टर जीवी पढेरिया ने घोषणा की कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, आप इकट्ठे नहीं हो सकते। रास्ते से नहीं हटने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लगातार पांच बार अनाउंसमेंट किया, लेकिन इसके बाद भी लोग नहीं हटे।
 
समिति ने पूछा तो बताया प्रॉपर्टी ब्रोकर है
- मीडिया के खिलाफ नारेबाजी कर रहे एक व्यक्ति को जीएसटी संघर्ष समिति ने बुलाकर पूछा तो उसने बताया कि वह प्रॉपर्टी ब्रोकर है। कपड़ा कारोबार से उसका कोई लेना देना नहीं। आंदोलन में उसके साथ 10 लोग थे। व्यापारियों ने उसे पुलिस के हवाले किया। समिति भी ऐसी नारेबाजी से नाराज है, उसका मानना है कि ये लोग बाहर से आए हुए हैं।
 
 
महारैली की नहीं मिली मंजूरी
- कपड़ा व्यापारियों ने  शनिवार को बड़ी रैली निकालने का ऐलान किया है, लेकिन पुलिस ने इसकी मंजूरी नहीं दी। संघर्ष समिति को रिंग रोड के जेजे  मार्केट के सामने भोजन प्रसादी की मंजूरी भी नहीं मिली थी। रैली चौक बाजार गांधी प्रतिमा से कलेक्टर कार्यालय तक निकाली जानी थी।
 
कोई व्यापारी दुकान खोलना चाहे तो उसे न रोका जाए : कमिश्नर
- पुलिस कमिश्नर सतीश कुमार शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि बिना अनुमति के व्यापारियों की भीड़ ने हंगामा किया तो इसके लिए विरोध का नेतृत्व कर रहे प्रमुख जिम्मेदार होंगे। कोई व्यापारी दुकान शुरू करना चाहे तो उसे रोका न जाए, दुकान बंद करने के लिए दबाव न डाला जाए। कुछ असामाजिक तत्व इस माहौल का गैर इस्तेमाल कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। ट्रैफिक जाम लग जाता है।
 
 
अनशन के 14वें दिन हितेश संकलेचा की तबीयत बिगड़ी, सिविल में भर्ती
 
- जीएसटी हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में अनशन पर बैठे हितेश संकलेचा की तबीयत 14वें दिन बिगड़ गई। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 
सलाबतपुरा पुलिस इंस्पेक्टर भगवंत सिंह के अनुसार प्राथमिक जांच के बाद उन्हें स्वस्थ बताया गया। स्पेशल वार्ड में उन्हें भर्ती किया गया। 
- डॉ. अश्विन वसावा  ने हितेश का ब्लड, बीपी, शुगर चेक किए। बुधवार रात 12 बजे भी उन्हें सिविल जे जाया गया था, फिर मेडिकल चेकअप के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। इधर, संकलेचा का कहना है कि जीएसटी हटने तक उनका अनशन जारी रहेगा। डॉ. अश्विन का कहना है कि उन्हें डिहाइड्रेशन और पैरालिसिस की शिकायत है।
 
गजेंद्र सिंह राठौड़, गौरव श्रीमाली और अंकित अग्रवाल समेत भीड़ के विरुद्ध मामला दर्ज 
-  कपड़े के ताके  जलाने और रोड ब्लॉक कर वाहन चालकों को धमकी देने के मामले में सलाबतपुरा पुलिस ने तीन लोगों समेत भीड़ के खिलाफ दंगे फैलाने और पुलिस अध्यादेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। शुक्रवार देर रात गजेंद्र सिंह राठौड़, गौरव श्रीमाली आैर अंकित शंभुनाथ अग्रवाल समेत भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
 
500 लोग कर रहे आंदोलन तोड़ने की साजिश : चंपालाल
- जीएसटी संघर्ष समिति के प्रवक्ता चंपालाल बोथरा का कहना है कि शुक्रवार को रिंग रोड पर चल रहे आंदोलन में 200 से 500 लोग ऐसे थे, जो बाहरी थे। ये आंदोलन तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस आयुक्त को भी दी है और कहा है कि ऐसे लोगों से हमारा कोई लेन-देन नहीं।
 
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