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डाउनलोड करेंसूरत। आरबीआई ने 2005 से पहले के नोट वापस लेने का फैसला किया है। लेकिन इससे स्वर्णकारों व डायमंड कारोबारियों की चांदी हो गई है। सूरत में सोने की नकद खरीदारी में पांच से 10 फीसदी का उछाल आया है। डायमंड ज्वैलरी के कारोबारियों को भी नकद में अच्छी सेल की उम्मीद बढ़ी है। कारण, लोग नकदी बैंक में जमा कराने के झंझट से बचने के लिए आसान निवेश का विकल्प अपना रहे हैं। हालांकि इसमें रियल एस्टेट का विकल्प शामिल नहीं है। क्योंकि इस सेक्टर के लोगों के पास पहले से ही काफी नकद राशि है।
सूरत हीरा और कपड़ा उद्योग का हब है। अकेले हीरा उद्योग में ही यहां 80 हजार करोड़ रुपयों का सालाना टर्नओवर है। इसमें भी 80 से 90 फीसदी हिस्सा नकद होता है। यानी रोज 150 से 200 करोड़ रुपए का नकद लेनदेन। वहीं टैक्सटाइल्स का सालाना कारोबार 35 से 36 हजार करोड़ रुपए का है। इसमें नकद लेनदेन 30 से 40 प्रतिशत है।
सूरत डायमंड एसोसिएशन के प्रमुख दिनेश नावडिया कहते हैं, ‘हीरा क्षेत्र में सबसे अधिक नकद सर्कुलेशन रहता है। लाखों-करोड़ों रुपए की नकदी होने पर लोग बैंक जाने से बचते हैं। इसलिए यहां लोग गोल्ड-डायमंड एवं इनके आभूषण में निवेश कर रहे हैं।’
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