नारायण साईं की फाइल फोटो
सूरत। साधिका दुष्कर्म और तेरह करोड़ रूपए की रिश्वत की साजिश का केस एक ही कोर्ट में चलाने की मांग के साथ अभियुक्त पक्ष की ओर से दायर की गई याचिका पर मंगलवार को सुनवाई खत्म हो गई। कोर्ट ने 12 फरवरी तक फैसला सुरक्षित रखा है। नारायण सांई के अधिवक्ता ने सोमवार को सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर दोनों मामले एक ही कोर्ट में चलाने की मांग की थी। याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में अधिवक्ता ने दलील पेश करते हुए कहा कि दोनों ही मामले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। सरकारी वकील तथा अभियुक्तों के अधिकतर वकील भी वही हैं। दलीलें पेश होने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 12 फरवरी का दिन तय किया है।
नारायण सांई और उसके साधकों के खिलाफ जहांगीरपुरा थाने में साधिका से दुष्कर्म और क्राइम ब्रांच थाने में तेरह करोड़ रूपए की रिश्वत की साजिश रचने का मामला दर्ज है। दोनों केस सेशन कोर्ट में ट्रायल के लिए लंबित हैं।