(मशहूर फोटोग्राफर धनसुख पटेल की फाइल फोटो)
वडोदरा। फोटोग्राफी के अपने हुनर की प्रदर्शनी का सुबह उद्घाटन करने के बाद वडोदरा के फोटोग्राफर धनसुख पटेल का निधन हो गया। धनसुखभाई पेशे से सिविल इंजीनियर थे, किन्तु फोटोग्राफी के शौक के चलते तीन दशक पहले 120 रुपए प्रतिमाह की नौकरी छोड़ यह राह अपना ली थी। वे विख्यात फोटोग्राफर रघुराय के शिष्य थे। 66 वर्षीय धनसुखभाई को ललितकला गौरव पुरस्कार के अलावा सात अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवॉर्ड मिले थे। वे इंडस्ट्रियल और मैरिज फोटोग्राफी में बड़ा नाम थे। बीते सप्ताह शुक्रवार सुबह उन्होंने अपने फोटोग्राफ्स की प्रदर्शनी लगाई थी, उद्घाटन किया। दोपहर को उनका निधन हो गया।
स्कूटर गिरवीं रख पूरा किया शौक:
फोटोग्राफी अपनाने के बाद सब कुछ ठीक नहीं रहा। संघर्ष के दिन भी आए। इतने कि अपने स्कूटर को भी गिरवी रखना पड़ा, लेकिन उन्होंने पसंदीदा क्षेत्र को न छोड़ने का मन पक्का कर लिया था। ये दिन जल्द ही बीत गए। 1948 में जन्मे धनसुखभाई 1982 में जापान एवं 1987 में लंदन में हुए कॉमनवेल्थ इंस्टी. के पुरस्कार विजेता थे। सिंगापुर, रूस, रोमानिया सहित कुल सात पुरस्कार उनके नाम रहे।