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डाउनलोड करेंसूरत। वराछा और कतारगाम में हीरे के बड़े-बड़े कारखानों में इस समय वैकेशन का माहौल है। जबकि हीरे के छोटे कारखाने चालू हैं। कतारगाम में 4 हजार से भी अधिक हीरे के कारखाने हैं। हर साल मई महीने में बड़े कारखाने बंद रहते हैं। इस समय कारखानों के संचालकों ने अपने कारीगरों को दो सप्ताह का वेकैशन दिया है।
कारखानों में काम करने वाले अधिकतर कर्मचारी सौराष्ट्र के हैं और वैकेशन में ये सौराष्ट्र पहुंच जाते हैं। लेकिन इस साल सौराष्ट्र में पानी की बहुत कमी है। इसलिए बहुत कर्म कर्मचारी ही सौराष्ट्र गए हैं। अधिकतर कर्मचारी वैकेशन के लिए अन्य इलाकों की ओर कूच कर गए हैं।
सूरत डायमंड एसोसिएशन के प्रमुख दिनेशभाई नावडिया के बताए अनुसार हीरे के बड़े कारखानों में मई माह में दो सप्ताह का वैकेशन रहता है। हालांकि हरेक कारखाने में अलग-अलग वैकेशन होता है, इसलिए कई कर्मचारी पैसा कमाने के लिए वैकेशन में दूसरे कारखानों में भी इस दौरान काम कर लेते हैं।
जबकि इस बार सौराष्ट्र में पानी की कमी है तो अधिकतर कर्मचारी सौराष्ट्र वापस न लौटकर दूसरे कारखानों में काम कर रहे हैं। जिससे कि वे अपने वैकेशन के दौरान भी पैसा कमा सकें।
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