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डाउनलोड करेंगांधीनगर। 1995 के तंदूर कांड के समय विवादों में रहे आईएएस अधिकारी डीके राव चुनावी राजनीति में भाग्य आजमाने जा रहे हैं। वे आंध्र प्रदेश की गुंटूर अथवा बापटला सीट से मैदान में उतर सकते हैं।
राव गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। सूत्रों के अनुसार राव आंध्र प्रदेश में वाईएसआर-कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते हैं। वे गुजरात राज्य मानव अधिकार आयोग में बतौर सचिव सदस्य हैं। राजनीति में सक्रिय होने की बात की पुष्टि करते हुए राव ने कहा-हां, मैंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगी है। 23 दिसंबर को ही राज्य सरकार को सूचित कर चुका हूं।
दिल्ली तंदूर कांड में राव मामले के मुख्य अभियुक्त सुशील शर्मा को अज्ञानतावश गुजरात भवन में ठहरने देने के चलते विवादों में आ गए थे। पुलिस ने राव को क्लीन चिट दी थी, लेकिन आरंभ में उनका नाम विवादों में रहा। इसके चलते केन्द्र सरकार ने आईएएस सेवा से राव को निलंबित कर दिया था। केन्द्र के इस निर्णय को राव ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में चुनौती दी। जिसके बाद कैट के आदेश पर उनकी बहाली हुई थी।
क्या है तंदूर कांड...
2 जुलाई 1995 को कांग्रेस नेता सुशील शर्मा ने अपनी ही पत्नी नैना साहनी की हत्या कर लाश को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित मशहूर रेस्टोरेंट बगिया बारबेक्यू के तंदूर में झोंक दिया था। निचली अदालत ने इस मामले में शर्मा को फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा रद्द करते हुए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है।
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