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बजट : जनता को नहीं मिली राहत, 289 करोड़ रुपए के करबोझ का प्रावधान

9 वर्ष पहले
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गांधीनगर। गुजरात के वित्त मंत्री नितिन पटेल ने बुधवार को वर्ष 2013-14 का बजट विधानसभा में पेश किया। बजट में 289 करोड़ रुपए के करबोझ का प्रावधान है। इसके मुकाबले 245 करोड़ रुपए की अप्रत्यक्ष राहत भी दी है। हालांकि इनसे सीधे आम जनता को राहत नहीं मिलनी। पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, रसोई गैस सिलेंडर पर राज्य की ओर से रियायत की उम्मीद पूरी नहीं हुई है।

बजट में अगरबत्ती, पेंसिल-रबर, गणित की पढ़ाई के उपकरण आदि के कर माफ किए गए हैं। छह हजार रुपए तक के वेतन पर व्यवसाय कर नहीं लगेगा। सिगरेट पर पांच प्रतिशत का इजाफा कर टैक्स 30 फीसदी तक पहुंचा दिया है। टीम मोदी के वित्त मंत्री के रूप में नितिन पटेल का यह पहला बजट था। वैसे वे पहले भी बजट पेश कर चुके हैं। साल 2012 के चुनावों में विजय के बाद बनी सरकार का यह पहला बजट था।

मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट को गुजरात के विकास की अनुभूति करवाने वाला बजट करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य और केन्द्रीय बजट के दृष्टिकोण की तुलना करें तो केन्द्र सरकार के बजट का 65 प्रतिशत खर्च में व्यय होता है जबकि गुजरात राज्य के बजट का यह हिस्सा विकास के काम में लगता है। नई सरकार का यह पहला बजट विश्व में गुजरात के विकास के सामथ्र्य की अनुभूति करवाने वाला है।

दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष शंकर सिंह वाघेला ने बजट को मायाजालपूर्ण महंगाई बढ़ाने वाला दिशाहीन तथा निराशाजनक बजट करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट में जनता के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।