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इस रोग से कईयों की नहीं होती है शादी तो कहीं नहीं मिल पाती अच्छी नौकरी!

8 वर्ष पहले
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-डॉ. हेमंत सरैया

(प्लस्टिक सर्जन)

सफेद दाग एक ऐसी बीमारी है, जो मनुष्य को शारीरिक रूप से तो कमजोर करती ही है, साथ ही यह मानसिक रूप से भी व्यक्ति को बहुत परेशान करती हैं। यह मरीज को रंग-रूप पर बुरा असर करती हैं। लेकिन अब प्लास्टिक सर्जरी द्वारा इसका इलाज संभव है।


सफेद दाग को 'ल्युकोडर्मा' भी कहा जाता है। यह शब्द ‘ल्युकस’ और ‘डर्मा’ नामक दो ग्रीक शब्दों से मिलकर बना है। जिसका अर्थ होता है सफेद चमड़ी।


भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने एक बार कहा था कि भारत में तीन बीमारियों पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। ये बीमारियां हैं- कुष्ठ रोग (लेप्सी), मलेरिया और सफेद दाग। सफेद दाग व्यक्ति को लघुग्रंथि का शिकार बना देता है। सफेद दाग होने की वजह से शरीर बदसूरत दिखाई देने लगता है। इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है, क्योंकि ऐसा होने पर अच्छी नौकरी ढूंढ़ने में, शादी के लिए जीवनसाथी की तलाश जैसे कई मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, कई बार तो कुछ व्यक्ति मानसिक रूप से इतने कमजोर हो जाते हैं कि वे आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं।


आगे पढ़ें क्या है सफेद दाग और इससे बचाव व निदान के तरीके...