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बैलगाड़ी से गई थी मोदी की बारात: हिमालय से सिर्फ 1 दिन के लिए आए थे घर

7 वर्ष पहले
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(नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो)
वडनगर (गुजरात)। इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र 12 वर्ष थी। मोदी अपने परिवार के साथ महेसाणा जिले के वडनगर में रहा करते थे। तभी एक साधु वडनगर आया। मोदी की मां हीराबा से उस साधु ने मोदी की कुंडली मांगी। हीराबा ने मोदी के साथ उनके बड़े भाई सोमभाई की भी कुंडली दिखाई। साधु ने सोमभाई की कुंडली देखकर कहा.. इसका जीवन तो सामान्य ही रहेगा, लेकिन इसे जेल जाना पड़ेगा। वहीं, तुम्हारे छोटे बेटे मोदी का जीवन उथल-पुथल से भरा रहेगा। इसकी कुंडली में ऐसा योग है कि यह या तो एक दिन राजा बनेगा या फिर शंकराचार्य की तरह एक महान संत की सिद्धि हासिल करेगा।
इसी बीच मोदी की पूजा-पाठ में भी बहुत रुचि हो गई। वे अधिकतर समय पूजा-पाठ में ही व्यतीत करने लगे तो परिजन को चिंता होने लगी कि कहीं ये सचमुच में ही साधू न बन जाए। मोदी को सभी ने बहुत समझाया, लेकिन उनके दिमाग से साधु बनने की बात निकल ही नहीं रही थी। इसी के चलते परिवार ने मोदी की शादी करवा देने का फैसला लिया। उन्हें लगा कि शादी हो जाने के बाद वह परिवार में व्यस्त हो जाएगा। परिवार ने आनन-फानन में न सिर्फ मोदी की शादी के लिए वधु जशोदाबेन की तलाश कर ली, बल्कि उनके ही गांव जाकर मोदी की शादी भी कर दी। यह वह समय था, जब बड़ों के फैसलों का छोटे विरोध नहीं कर सकते थे और इस समय बाल विवाह प्रचलित था।
इस समय देश में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय मोदी ही हैं। उनकी पत्नी का नाम जशोदाबेन है। मोदी पर किताब लिखने वाली लेखिका कालिंदी रांदेरी ने मोदी की शादी से जुड़ी कई बातों से पर्दा उठाया है।

आगे पढ़ें, मां से कहा, मैं हिमालय पर जाना चाहता हूं...