नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस कर्नाटक के विधानसभा चुनाव परिणाम को राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच टक्कर के नतीजे के तौर पर देख रही है। कांग्रेस का कहना है कि कर्नाटक में कांग्रेस की जीत यह साबित करती है कि मोदी को सबसे बड़ा वोट जुटाऊ नेता बताने वाले दावे खोखले हैं। पार्टी के नेता और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मोदी को लेकर तल्ख टिप्पणी की। खुर्शीद ने कहा, 'मोदी के लिए कर्नाटक का संदेश यह है कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं हैं।' वहीं, कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह भी पीछे नहीं रहे। दिग्विजय सिंह ने कहा, 'गुजरात के बाहर नरेंद्र मोदी को कोई नहीं जानता है। कर्नाटक ने एक बार फिर से यह साबित किया है।'
बीजेपी की हार और कांग्रेस की तल्ख टिप्पणियों के बीच बीजेपी के समर्थकों में भले ही मायूसी हो, लेकिन कर्नाटक में बीजेपी की हार से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों में नया जोश आ गया है। बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक में पार्टी की हार नरेंद्र मोदी के लिए 'जीत' जैसी है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे लाने की आवाज़ कर्नाटक में मिली हार के बाद अब और तेज होगी।
बीजेपी के कई नेता परोक्ष रूप से यह कहने लगे हैं कि कर्नाटक में पार्टी की करारी हार से यह साबित होता है कि सामान्य तरीके से राजनीति करने की रणनीति नहीं चलेगी और पूरी पार्टी को नरेंद्र मोदी के पीछे जुट जाना चाहिए ताकि कांग्रेस को करारा जवाब दिया जा सके।
कर्नाटक में बीजेपी के चुनाव प्रचार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगर मोदी ने चुनाव प्रचार न किया होता तो राज्य में बीजेपी की हालत और पतली होती। बेंगलुरु और हुबली- बेलगाम इलाके में मोदी ने खासा असर छोड़ा। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि मोदी ने कर्नाटक में निराश कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। बीजेपी से जुड़े सूत्र ने कहा कि पार्टी की हार से मोदी को लेकर पार्टी का भरोसा और बढ़ेगा। बीते तीन हफ्तों में मोदी के लिए बीजेपी के भीतर समर्थन तेजी से बढ़ा है। पटना में पिछले महीने बाबू कुंवर सिंह की जयंती के मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में वहां के सांसद और बॉलीवुड स्टार शत्रुघ्न सिन्हा को तब बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जब वे प्रधानमंत्री पद के लिए लालकृष्ण आडवाणी की दावेदारी का समर्थन कर रहे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान नीतीश के करीबी माने जाने वाले बीजेपी नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ऐलान किया था कि बीजेपी किसी पिछड़े तबके से ताल्लुक रखने वाले नेता को प्रधानमंत्री पद के लिए पेश कर सकती है। सुशील मोदी के इस ऐलान को नरेंद्र मोदी की दावेदारी से जोड़कर देखा गया। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी पिछड़े वर्ग से आने वाले नेता हैं। सुशील मोदी का वह ऐलान इसलिए भी अहम है क्योंकि वे बखूबी जानते हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी का नाम आगे किया तो जेडीयू बीजेपी से अपना रिश्ता तोड़ लेगी।
चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक में भी मोदी के पक्ष में जबर्दस्त समर्थन देखने को मिला था। बेंगलुरु के नेशनल लॉ कॉलेज में नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। लेकिन बीजेपी के नेता अनंत कुमार काफी देर तक बोलते रहे और समर्थकों को लगा कि अनंत कुमार उनके और मोदी के बीच बाधा बन रहे हैं। समर्थकों ने इसे लेकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया।