अम्बाला. फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार को चेताया है कि 5 सूत्रीय मांगपत्र पर 15 दिन में कोई ठोस फैसला न हुआ तो निजी स्कूल संचालक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। कैंट के गांधी ग्राउंड में विराट शिक्षा सम्मेलन में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने यह ऐलान किया। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर हुए सम्मेलन में ‘गांधी आओ-शिक्षा बचाओ’ का स्लोगन दिया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण निजी स्कूल नहीं सरकार कर रही है। पूरे वर्ष में 220 दिन स्कूल लगते हैं लेकिन सरकार निजी स्कूलों से 365 दिनों के बिजली के कॉमर्शियल बिलों का भुगतान कराती है। 500 की बिजली जलाते हैं और 50 हजार रुपए का व्यवसायिक टैक्स भरना पड़ता है। शॉप एक्ट लगाकर निजी स्कूलों के संचालकों से मोटा प्रॉपर्टी टैक्स वसूल रही है। निश्चित ही यह बोझ निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ेगा। अगर बच्चों की पढ़ाई को लेकर सरकार बहुत गंभीर है तो रूल 134 ए को खत्म कर आरटीई के तहत फ्री एडमिशन देने के प्रावधान बनाए।