अंबाला। सलारेहड़ी के संदीप पांचाल अशर्फियां, पुराने सिक्कों और नोटों के शौकीन हैं। उनके पास दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश से लेकर आधुनिक भारत तक के सिक्के और नोट उपलब्ध हैं। इनमें कुछ संग्रह उनके पिता के हैं बाकी वे कई सालों से इस अभियान में जुटे हैं।
फोटो : अशोक अग्रवाल
> महारनी कित्तूर - महारानी कित्तूर (1824) के शासन काल के ये सिक्के तो अति दुर्लभ हैं।
> मध्यकालीन अशर्फियां - मुगल शासकों के जमाने में इस तरह की अशर्फियां प्रयोग में आती थीं।
> काॅपर - हुंमायू (1526-42 ई.) के शासन काल का सिक्का।
> काॅपर - कांगड़ा के कटोच राजा (1527) का सिक्का।
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