अम्बाला सिटी. हैफेड के अफसरों की लापरवाही के कारण प्रदेश में बने अनाज के गोदामों में पड़ा लाखों रुपए का गेहूं सड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि प्रदेश सरकार व अधिकारियों के प्रदेश के अनाज गोदामों में पड़े अनाज की कोई जानकारी न हो। वे इससे भली-भांति परिचित हैं। फिर भी वे इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। सरकार व अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उन गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है जहां इन गोदामों से अनाज उन्हें दिया जाता है।
प्रदेश सरकार गरीब परिवारों को राशन कार्ड पर गला-सड़ा अनाज देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है। तीन सालों से जिले के हैफेड गोदाम में प्रदेश सरकार व अधिकारियों की लापरवाही के कारण लाखों का गेहूं सड़ चुका है। अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा उन गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है जिन्हें हैफेड से अनाज दिया जाता है।
अन्य अनाज की भी फिक्र नहीं : जिला के हैफेड गोदाम में पिछले तीन साल से करीब 325 बोरियां में पड़ा गेंहूू अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़ चुका है। गोदाम में पड़े गले-सड़े गेहूं से अन्य बोरियों में रखा अनाज खराब न हो, इस ओर भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। इतना ही नहीं, गली-सड़ी गेहूं की बोरियों को बाहर निकालने में भी अधिकारी कोताही बरत रहे हैं।
काला पड़ चुका है गेहूं : अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक ओर जहां बोरियां से फट चुकी है, वहीं बोरियों के अंदर रखा गेहूं भी काला पड़ चुका है। जिसे इंसान तो क्या, जानवर भी खाना पसंद नहीं करते। गेहूं में कालापन के साथ-साथ उसमें बदबू भी हो चुकी है।
नहीं डाली कोई दवाई
पिछले तीन साल से न तो हैफेड के किसी अधिकारी ने और न ही किसी कर्मचारी ने बोरियों में पड़े गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए इसमें कोई दवाई डाली है और न ही कोई अन्य व्यवस्था की है।
बरसात में भर जाता है पानी
खुले आसमान में पड़ी लाखों रुपए के गेहूं की बोरियों में बरसात आने पर पानी भर जाता है। अधिकारियों द्वारा पानी निकालना तो दूर, उनकी जांच तक नहीं की जाती। इस लापरवाही से गरीबों का निवाला भेंट चढ़ रहा है।
गोदाम में पड़ी गेहूं की 325 बोरियों का विभाग की ओर से तीन साल पहले किसी निजी कंपनी से इंश्योरेंस कराया गया था। कंपनी ने अनाज न उठाने की एवज में इसका भुगतान कंपनी ने सरकार को कर दिया है। मैंने गोदाम में रखी गेहूं की बोरियों को वहां से उठाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख दिया है। जवाब आते ही गोदाम से उक्त गेहूं की बोरियों को गोदाम से बाहर निकाल दिया जाएगा, ताकि इनके खराब होने वाली अन्य गेहूं की बोरियों को बचाया जा सके।
- अनिल चौहान, डीएम, हैफेड, अम्बाला सिटी।