यमुनानगर /बिलासपुर। गणपति शिक्षण संस्थान में गुरुवार को 2 छात्रों को चाकू घोंपने की घटना के बाद बिहार के 50 छात्रों ने शुक्रवार देर शाम संस्थान छोड़ दिया। स्टूडेंट्स का आरोप है कि मैनेजमेंट व प्रशासन उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम है, इसलिए जान बचाने के लिए वे संस्थान छोड़कर घर जा रहे हैं।
संस्थान में तीन हजार बच्चे हैं। गुरुवार को गणपति कॉलेज में पेपर देकर बाहर निकले बिहार के जिला औरंगाबाद निवासी कुणाल व विकास पर यूपी के छात्रों ने चाकू से हमला किया था। इसमें दोनों छात्र घायल हो गए थे। हमले से घबराए छात्रों ने उपचार के लिए जगाधरी जाने से भी इनकार कर दिया था। बाद में किसी तरह उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया था।
विद्यार्थी बोले -यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं, डिग्री से प्यारी है जान
बिहार के छात्रों का आरोप है कि यूपी के छात्र हर रोज उनसे मारपीट करते हैं व पैसे की मांग करते है। जिस कारण उन्होंने अब काॅलेज को छोड़ने का मन बना लिया है। शुक्रवार सुबह एसडीएम बिलासपुर ने चार घंटे से भी अधिक समय तक संस्थान प्रबंधन कमेटी व छात्रों से अलग अलग बात कर मामले को शांत किया और छात्रों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिलाया।
आरोप ... धमकी देने वाले छात्रों का पक्ष ले रहा प्रबंधन
संस्थान छोड़ने वाले स्टूडेंट्स बीटेक फाइनल ईयर के केसरी, संतोष कुमार, राहुल, राजू कुमार, अंकित मिश्रा व अन्य का कहना है कि प्रबंधन धमकी देने वाले छात्रों का पक्ष कर रहा है। डर के कारण वे अपने घर जा रहे हैं। जान बचेगी तो डिग्री तो कहीं से भी ले लेंगे।
आरोपी कॉलेज से निकाले
^कॉलेज चेयरमैन मनीष बिंद्रा ने बताया कि यूपी के छात्र निकुंज प्रताप, अनुज चौहान, ओजस त्यागी, हिमांशु, सुमित, अमित, शुभम, विकास, मुस्तकिन व शैफी को काॅलेज से रेस्टिकेट कर दिया गया है।