अम्बाला. 19 मई 2012 के बाद गांधी ग्राउंड के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। ग्राउंड में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा ‘गांधी आओ शिक्षा बचाओ’ आह्वान के साथ शुरू किए गए विराट सम्मेलन में आठ हजार से अधिक निजी स्कूलों के प्रतिनिधि भाग लेने पहुंचे। प्रदेश के 21 जिलों के प्राइवेट स्कूलों के प्रेसीडेंट के अलावा बाहरी राज्यों में पंजाब का प्रतिनिधित्व प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान सरदार तेजपाल सिंह व गुजरात का प्रतिनिधित्व प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की नेशनल वाइस प्रेसीडेंट व सोडा स्कूल गुजरात की सीईओ एकता सोडा ने किया। अम्बाला का प्रतिनिधित्व प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन अम्बाला के अध्यक्ष बंसी लाल कपूर ने किया। विराट सम्मेलन की अध्यक्षता फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने किया।
सम्मेलन की नजाकत इसी बात से समझी जा सकती है कि ज्ञापन लेने के लिए गांधी ग्राउंड में खुद एसडीएम विनय प्रताप सिंह को पहुंचना पड़ा। अगर यह भीड़ बेकाबू होकर सड़कों पर मेमोरंडम देने निकल पड़ती तो कहा नहीं जा सकता था कि प्रशासन को इस ठंड में भी कितना पसीना आया होता। सम्मेलन में कुलभूषण शर्मा ने निजी स्कूलों की डिमांड रखने के साथ-साथ स्कूल संचालकों को राजनीतिक भागीदारी के लिए भी सचेत किया।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल संचालकों की संख्या करोड़ों में है। वोटबैंक से सरकार बदल सकते हैं। निजी स्कूल संचालकों को सरकार किसी भी तरीके से चाह कर भी परेशान नहीं कर पाएगी। उन्होंने शिक्षकों व संचालकों से अपील की कि अपराधी तत्व के लोगों को बिल्कुल वोट न दें।उसका विश्लेषण करें कि पांच हजार कमाने वाला रातों-रात 50 लाख रुपए का मालिक कैसे बन गया। वहीं एकता सोडा ने कहा कि प्राइवेट स्कूल अलायंस बन गए हैं। इनकी जड़े पूरे देश में गहराई तक जा पहुंची है।
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