अम्बाला सिटी | 1987में बंसीलाल मुख्यमंत्री थे। अम्बाला सिटी विधानसभा क्षेत्र के लिए पंडित पूर्णचंद को टिकट दिया गया था। साथ ही, उन्हें पार्टी का अथाॅरिटी लेटर दिया गया। उनका टिकट पाने का सपना पूरा हो गया था।
पंडित पूर्णचंद कार में दिल्ली से वापस कांग्रेस नेता राजकुमार गामा के साथ रहे थे। गामा ने बताया कि उनकी कार दिल्ली में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री भजनलाल की कोठी की तरफ मुड़ गई। वह भजनलाल से मिले। बंसीलाल को पता लग गया। उन्होंने उसी समय टिकट बदलकर रामयश को दे दी थी। हालांकि उस समय रामयश चुनाव हार गए थे। 1992-1993 में वह कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी रहे।
इसी दौरान उनका देहांत हो गया। पंडित जी स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने कसम खाई थी कि जब तक देश आजाद नहीं होगा, तब तक शादी नहीं करेंगे। 18 अगस्त, 1947 को लड़की वाले आए। तब वे माने और दिसंबर 1947 में शादी की। इनके दो बेटे, तीन लड़कियां हैं। सभी सरकारी सेवा में हैं। पंडित जी के साथ एक प्रकरण और जुड़ा है। 1991 में उन्हें खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का चेयरमैन बनाया जाना था, लेकिन आपसी गुटबाजी के कारण उनकी यह नियुक्ति भी रोक दी गई।