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प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया इतिहास
अभिलेखागारविभागहरियाणा, अम्बाला मंडल, अम्बाला द्वारा गुरुवार एसए जैन काॅलेज, अम्बाला शहर में स्वतंत्रता आंदोलन में हरियाणा के योगदान से संबंधित दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों की दो दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्घाटन डाॅ. राजीव, पुलिस उपाधीक्षक जेल द्वारा किया गया।
बलदेव सिंह, सहायक निदेशक, अभिलेखागार, अम्बाला मंडल ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदर्शिनयां आयोजित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों आम जनता को अपने इतिहास के बारे में जानकारी देना हमारे स्वतंत्रता सैनानियों द्वारा देश को आजाद कराने के लिए दी गई कुर्बानियों से अवगत कराना है ताकि विद्यार्थियों को अपने इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त अभिलेखागार में रखे पुराने अभिलेखों की सुरक्षा के बारे में भी जानकारी देना है ताकि बच्चों में अभिलेखों को सुरक्षित रखने में भी जागरुकता आये।
प्रदर्शनी के बारे में डाॅ. प्रदीप शर्मा, प्राचार्य डाॅ. धर्मवीर, अध्यक्ष इतिहास विभाग, एसए जैन काॅलेज, अम्बाला शहर द्वारा भी विद्यार्थियों को पूर्ण जानकारी दी गई। इसमें मुख्यतया 1857 के विद्रोह में अम्बाला छावनी में आगजनी की घटनाएं, 1857 में अम्बाला में 5वीं और 60वीं रेजिमेंटों द्वारा शस्त्र उठाने की रिपोर्ट, 31 अक्टूबर, 1857 को झज्जर के किले में पाए गए खजाने की सूचना, 1857 मुगल सम्राट बहादुरशाह की गिरफ्तारी के समय उसके गहनो की सूची, 1890 में अम्बाला में वर्तमान जेल को केंद्रीय जेल बनाने के लिए जंडली और धूलकोट गांव की 157 बीघा जमीन का अधिग्रहण। 1896 में अम्बाला में पुलिस की कुल संख्या को दर्शाती हुई रिपोर्ट आदि। वहीं मई, 1930 को हिसार में गधे को विदेशी कपड़े पहनाकर निकाले गए जुलूस का विवरण प्रेषित है। 24 अगस्त, 1942 को अम्बाला छावनी के पुलिस उपअधीक्षक, द्वारा अम्बाला छावनी निशात टाॅकीज में सैनिकों में सरकार विरोधी दस्तावेज बांटने की रिपोर्ट, 1942 में लाला दुनीचंद को कसौली कैंट के अंदर नजरबंद रखने का आदेश।
इसमें प्रदर्शित बहादुर शाह जफर, बल्लबगढ के राजा नाहर सिंह, रेवाड़ी के राव तुला राम, मंगल पांडे, नेता जी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव आजाद हिन्द फौज की मोहर आजाद हिन्द फौज का जर्मनी में बना बैज आदि के फोटोग्राफ प्रदर्शनी का आकर्षण केन्द्र बने हैं। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में नाना साहिब, रानी लक्