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स्वास्थ्य मंत्री विज को बाइपास कर रहे उनके ही अफसर
सीएम मेरे पुराने मित्र, उनसे मनमुटाव था, रहेगा
अपनीकार्य शैली को लेकर चर्चा में रहने वाले स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को उन्हीं के विभागीय अफसर बाइपास करने लगे हैं। विभिन्न विकास कार्यों योजनाओं के सीएम खट्टर से उद्घाटन करवाए जा रहे हैं और विज को पूछा तक नहीं जा रहा है। बल्कि उन्हें अतिथि के तौर पर कार्यक्रमों में शामिल होने के निमंत्रण पत्र ही भेजे जा रहे हैं।
ताजा मामला पंचकूला अस्पताल में बनी नई बिल्डिंग के उद्घाटन से जुड़ा है। इस बिल्डिंग का सीएम मनोहर लाल खट्टर 20 फरवरी को उद्घाटन करने वाले हैं। हालांकि विभागीय अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने यहां जारी एक बयान में कहा है कि कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज मौजूद रहेंगे। जबकि खुद विज ने इस कार्यक्रम में जाने से इनकार किया है। इसकी वजह यह है कि इस बिल्डिंग का उद्घाटन करवाने के लिए तो उनसे पूछा गया और ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सहमति ली गई है। उन्होंने पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के आग्रह को यह कहकर टाल दिया कि ऐसे में उनका कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है। इधर, विज को बाइपास करने के सवाल को एसीएस रामनिवास ने यह कहकर टाल दिया कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वैसे वे अभी आउट ऑफ स्टेशन हैं। जबकि सरकारी बयान में बताया गया है कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पंचकूला के नये भवन में उपकरण और फर्नीचर की खरीद के लिए 70 लाख रुपए मंजूर किए हैं। अस्पताल में लिफ्टमैन, सुरक्षाकर्मी, स्वीपर तथा माली जैसे विभिन्न पदों को आउट सोर्सिंग पॉलिसी से भरा जाएगा। वीं, भगत फूलसिंह महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर में 8 फरवरी को ही सीएम मनोहर लाल खट्टर ने डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में हालांकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को चीफ गेस्ट लिखा गया था। लेकिन इसके लिए तो उनकी सहमति ली गई और ही कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी दी गई थी। विज को कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र भी 8 फरवरी को ही भिजवाया गया। इससे क्षुब्ध विज ने उसी दिन इस मामले की जांच करके उनकी सहमति के बिना चीफ गेस्ट बनाए जाने के लिए संबंधित अफसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दे दिए थे।
इन साइड स्टोरी
विजकी कार्यशैली को लेकर साथी मंत्री ही नहीं विभागीय अफसर भी नाराज हैं। तबादला आदेशों का पालन नहीं किए जाने को लेकर विज अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास को लेकर केवल नाराजगी बल्कि सीएम को कार्रवाई करने की सिफारिश भी कर चुके हैं। संभवत: कार्रवाई नहीं हो पाने की ही वजह है कि एसीएस विज को बाइपास कर सीधे खट्टर से विकास कार्यों के उद्घाटन शिलान्यास करवा रहे हैं। औपचारिकता के नाते विज को सिर्फ निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं।
बोले, आगे भी वहीं करूंगा जो ठीक लगेगा
विजने कहा कि उन्होंने वही कहा है, जो वास्तविकता है और भविष्य में भी जो उन्हें ठीक लगेगा, उसे वे सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के साथ शेयर करते रहेंगे। मेरे विचार में पार्टी को नेता आयात करने के बजाय पार्टी में ही सशक्त नेतृत्व तैयार करना चाहिए, यदि किरण बेदी को लेकर चुनाव लड़ना था तो यह फैसला काफी पहले लिया जाना चाहिए था।