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‘सत्संग के बिना जीव का कल्याण नहीं हो सकता’

7 वर्ष पहले
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अम्बाला सिटी |‘सत्संग के बिना जीव का कल्याण नहीं हो सकता’ उक्त सद् विचार कथा व्यास भाई प्रेम सागर पथिक ने श्रीकृष्ण मंदिर, कमेटी, चौड़मस्तपुर में कुश परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में धर्मप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहे। भाई प्रेम सागर जी के मंच पर पधारने पर समिति के सदस्यों के साथ-साथ सेवानिवृत कमाण्डर शाम लाल, जयपाल, राम करण, रामकुमार आदि ने मल्यापर्ण कर भव्य स्वागत किया।

सत्र का आरम्भ करते हुए भाई प्रेम सागर ‘पथिक’ ने कहा कि परमात्मा की कृपा से संत मिलते हैं और संत कृपा से भगवंत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि जिसकी कोई भी रद्द हो, वो ही नारद है। नारद जी के परम गुरु हैं जो जीव को परमात्मा से मिलने का मार्ग दिखाते हैं। पथिक जी ने कहा कि अपने मन को भगवान के भजन में लगाओ, अगर ये इधर उधर भागे तो इसे खींच कर भजन की याद दिलाओ। इस तरह धीरे-धीरे मन को भजन करने की आदत बन जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्य ही परमात्मा है। सत्य और परमात्मा एक हैं। जहां सत्य है, वहीं परमात्मा है। मौके पर कुश परिवार, राम करण, नरेन्द्र शर्मा, जोगिन्द्र सिंह, सुरजीत उपस्थित थे।