पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बढ़ती जा रही है कांग्रेस के टिकट चहेतों की धड़कनें

बढ़ती जा रही है कांग्रेस के टिकट चहेतों की धड़कनें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कांग्रेसहाइकमानभी विधानसभा चुनावों में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों को लेकर अच्छी खासी मेहनत कर रही है। वहीं कुछ राजनेता अपनी टिकट पक्की मानकर परिवार समेत जनसंपर्क अभियान में कूद गए हैं। लेकिन जब तक फाइनल घोषणा नहीं हो जाती तब तक इन दावेदारों की सांसे भी अटकी हुई हैं। कुछ लेाग तो दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाकर अपनी दावेदारी पक्की मान रहे हैं। ये लोग हर वक्त टीवी में आने वाली खबरों आैर सोशल मीडिया पर नजरें जमाए हुए हैं। तो वह ठीक से सो पा रहे हैं और ही उनका खाना पीना सही ढंग से हो पा रहा है। दूसरी बड़ी पार्टियों ने अपने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। जिसके बाद कई जगहों पर बागियों के तेवर भी काफी गरम हाे गए हैं। कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा में हो रही देरी हर पल राजनीतिक हलचल पैदा कर रही है। कुछ दावेदारों के दावे जानने का प्रयास किया गया कि वो खुद को सबसे उम्दा क्यों मानते हैं।

निर्मलसिंह : छात्रनेता के रूप में उभर कर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे। ग्रामीण इलाकों में अच्छी पकड़। कांग्रेस का बड़ा नाम अाैर चेहरा। मुख्यमंत्री हुड्डा से बेहद नजदीकी। छह चुनाव लड़कर चार बार नग्गल हल्के से विधायक रहे। बेटी चित्रा वार्ड नंबर 16 से पार्षद हैं।

अर्जुनलाल कालड़ा : नगरनिगम में ईओ रहे। 1990 के उपचुनावों में आजाद प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा। साढ़े चार हजार वोटों से हारे। पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के करीबी और हालिया मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भी नजदीकियों में शुमार। कैंट की राजनीतिक दिशा तय करने वाले पंजाबी, सिख और ब्राह्णण के अलावा अन्य जातियों में भी अच्छी पहचान और रसूख का दावा।

सुधीरजायसवाल : अपनेदम पर राजनीति करने वाला आम आदमी का नेता। निगम चुनावों में वार्ड नंबर 19 से भारी मतों से जीतकर पार्षद बने। फिलहाल नगर निगम में डिप्टी मेयर के पद पर सुशोभित। लोगों में मजबूत पकड़ और अधिकारियों से काम निकलवाने की अपनी शैली। मंडियों और सदर क्षेत्र के साथ आम आदमी पर अच्छी पकड़।

हीरालालयादव : कांग्रेसके कद्दावर नेता। 2005 में विधानसभा चुनावों निर्दलीय मैदान में उतरे। तब लगभग 13 हजार वोट लेकर सबको हैरान किया। नगर निगम चुनावों में भी वार्ड नंबर 17 से किस्मत आजमाई पर साथ नहीं मिला। राज्यसभा सांसद सैलजा और बीरेंद्र सिंह के विश्वासपात्र। बस्तियों और म