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नेता दे रहे साथ, प्रशासन निभा रहा जिम्मेदारी
ये हैं मांगें
बोले-खुद प्रशासन चाहता है कि हम कोर्ट में जाएं ताकि लटका रहे मामला
भास्करन्यूज | अम्बाला
बंदकमरेमें पीटीए के ड्रा निकाले जा रहे हैं। एज पर लॉ ऐसा नहीं किया जा सकता। एक ही दिन में सभी पेरेंट्स को बुलाया जाना चाहिए। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल गठित होना चाहिए जोकि पीटीए में शामिल हो। लेकिन एसडी विद्या में ऐसा नहीं हो रहा है। डीसी साहब हमारा साथ दे रहे हैं, पुलिस कमिश्नर, कमिश्नर, डीईओ मैडम का भी अभी तक इस मामले में कोई भी सपोर्ट नहीं मिला है। सब एक दूजे से मिले हुए हैं। लिहाजा स्कूल प्रबंधन अपनी मनमर्जी पर उतारू हैं और पेरेंट्स को फीसों के नाम पर लूटा जा रहा है। पीटीए इलेक्शन के लिए 25 सितंबर को बुलाया गया है लेकिन उसमें हम केवल राय ही दे सकते हैं। मानना मानना कमेटी की मर्जी होगी। फिर हमें क्यों बुलाया गया है। दैनिक भास्कर से फोकस ग्रुप डिस्कशन करते हुए पेरेंट्स एसो. के प्रतिनिधिमंडल ने अपना दर्द कुछ इसी तरह से बयान किया।
पेरेंट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि स्कूल में सिवाए सोनी सुरेंद्र जुनेजा तंत्र के कुछ नहीं हो रहा है। यह दोनों जिस तरह से चाह रहे हैं उसी तरह से स्कूल चल रहा है। प्रशासन भी यही चाहता है कि हम कोर्ट में जाएं और यह मामला यूं ही लटका रहे।
करेंगेनोटा का प्रयोग : एसोसिएशनके सदस्यों ने बताया कि वे अम्बाला के सभी राजनेताओं से इस मामले को लेकर मिल चुके हैं। अभी तक हमारी बात किसी नहीं सुनी ही किसी ने हमारा साथ इस मामले में दिया। हम अकेले ही स्कूल प्रबंधन से लड़ रहे हैं। इसीलिए अब राजनेता हमसे वोट मांगने आया तो पेरेंट्स एसोसिएशन. भी उनका सहयोग नहीं देगी। प्रदेशभर में करीब 5 हजार पेरेंट्स इस एसोसिएशन. से जुड़े हैं जोकि अपने-अपने स्तर पर इनका विरोध करेगी। जरूरत हुई तो नोटा का प्रयोग भी करेंगे।
बढ़ी हुई फीस वापस हो > एडमिशन फीस बंद हो > हर स्कूल में एक जैसी शिक्षा हो > स्कूल में हाई क्वालिफाइड टीचर्स ही नियुक्त किए जाएं। वर्दी बुक्स थोपी जाएं > एनसीईआरटी की पुस्तकें ही लगाई जाएं।
^जुनेजा सोनी ने मिलीभगत करके अपने-अपने रिश्तेदारों सगे-संबंधियों को स्कूल में नियुक्त कर लिया है। प्रबंधन में भी बेटी, दामाद, पुत्र वधू आदि को शामिल किया गया है। इनका शैक्षणिक स्तर भी बेहद अच्छा नहीं है। यही कारण है कि स्कूल का परीक्षा परिणाम हर वर्ष बद से बदतर