स्पीड में खिलाड़ियों की दिलचस्पी घटी
खिलाड़ियोंकोप्रोत्साहित करने के लिए बनी स्पीड योजना में खिलाड़ी अब ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। स्थिति ये हैं कि पहले चरण पार कर चुके खिलाड़ियों में से 30 प्रतिशत खिलाड़ी दूसरे चरण में नहीं रहे हैं। महिला खिलाड़ियों की भागेदारी आधे से भी कम हैं। दूसरे चरण में कुल 1600 खिलाड़ियों को शामिल होकर टेस्ट देना था, मगर चार दिन तक चले दूसरे चरण में 1135 खिलाड़ी ही पहुंचे।
जिला खेल एवं युवा विभाग की अोर से स्पीड के दूसरे चरण के टेस्ट वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम अम्बाला में लिए जा रहे हैं। दूसरा चरण गुरुवार को खत्म हुआ। जिसमें पहले दिन अम्बाला-टू, दूसरे दिन अम्बाला-वन, तीसरे दिन ब्लाक साहा बराड़ा तथा आखिरी दिन शहजादपुर नारायणगढ़ के खिलाड़ियों ने टेस्ट दिया।
इस बार चार चरण होंगे स्पीड में
प्रदेशसरकार की ओर से स्टूडेंट्स को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए योजना शुरू की गई है। पहले चरण में स्कूल स्तर पर खिलाड़ी के तीन टेस्ट होते हैं। दूसरे चरण में ब्लाक स्तर पर खिलाड़ियों के छह टेस्ट लिए जाते हैं। तीसरे चरण में सात टेस्ट होते हैं। इस बार चौथा चरण होगा। सफल प्रतिभागी को स्कॉलरशिप दी जाती हैं। 8 से 14 आयुवर्ग तक 1500 और 14 से 19 आयुवर्ग में दो हजार रुपए मिलेंगे।
एग्जाम की वजह से भी घटी संख्या
इसबार स्पीड का दूसरा चरण फरवरी में हो रहा है। कोच का मानना है कि इसी वजह से खिलाड़ियों की संख्या घटी है। फरवरी में कई क्लासेस के एग्जाम शुरू होने वाले होते हैं या फिर कई क्लासेस में प्रेक्टिकल भी शुरू हो चुके हैं। ऐसे में अभिभावक टेस्ट में भेजने से गुरेज करते हैं। वहीं, अंबाला डीएसओ अरूणकांत का कहना है कि खिलाड़ियों की संख्या कम नहीं है, ठीक है। दूसरे चरण मेें कई बार खिलाड़ी नहीं पहुंच पाते।
कैंट के वार हीरोज स्टेडियम मे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते खिलाड़ी।
नोट- तीसरेदिन अम्बाला के कुछ खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिस कारण तीसरे दिन संख्या अधिक है।
चार दिन में खिलाड़ियों की ये रही भागीदारी
ब्लॉकपहले चरण के क्वालीफाई दूसरे चरण में पहुंचे
अम्बालावन 360 253
अम्बाला टू 400 328
साहा और बराड़ा 290 328
शहजादपुर नारायणगढ़ 550 226
अम्बाला | वारहीरोज मेमोरियल स्टेडियम में स्पीड का दूसरे चरण संपन्न हो गया। अंतिम दिन नारायणगढ़ शहजादपुर ब्लॉक के 226 खिलाड़ियों ने टेस्ट दिया। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी अरूणकांत ने बताया कि 226 में से 162 लड़के 64 लड़कियां थी। इसमें सामान्य श्रेणी के 58, अनुसुचित जाति के 64 तथा पिछड़ा वर्ग के 104 खिलाड़ी शामिल हुए।