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कचरे से बनाया जेट प्लेन, कंचों से कैंडल लैंप
कहाजाताहै कि इंसान और जानवर में सोच का ही फर्क है। इंसान अपनी सोच का इस्तेमाल करके मानवता का कल्याण भी कर सकता है आैर तबाही भी। दुनिया में दोनों तरह के आविष्कारक मौजूद हैं जो अपने-अपने तरीके से काम कर रहे हैं।
जीएमएन काॅलेज के बीकाम संकाय के बच्चों ने भी अपनी क्रिएटिविटी से सबको हैरान करने का काम किया है। कचरे में फेंक दी गई वस्तुओं का इस्तेमाल करके बच्चों ने कई तरह के शानदार मॉडल बनाए हैं। प्रिंसिपल राजपाल ने बच्चों को शाबाशी देकर उनका हौसला बढ़ाया है।
नारियलमें शादी का कार्ड: बीकामफाइनल इयर की श्वेता चौहान ने नारियल के खाली खोल पर चेन लगाकर उसमें शादी का कार्ड का छपा कार्ड रखने का नायाब तरीका इजाद किया है। जब नारियल की चेन खोलकर उसमें से कार्ड निकाला गया तो उसने सबको हैरान कर दिया।
केनसे बनाया जेट और सीडी से रोबोट: बीकामफाइनल के ही उमा शंकर पांडे और हरसिमरनजीत ने मिलकर कई मॉडल बनाए। कोल्ड ड्रिंक के खाली केन से जेट विमान, सीडी से रोबोट, माउस, उल्लू कोल्ड ड्रिंक के खाली ढक्कनों से हैंगिंग बैल बनाई। टूट चुकी चूड़ियों से मुर्गी का मॉडल बनाया गया, खाली बोतल से गुल्लक, आइस्क्रीम स्टिक से बग्गी का मॉडल तैयार किया गया है।
कंचोंसे बनाया कैंडल लैंप: बचपनके साथी यानि कंचों का विनय और राहुल बखूबी इस्तेमाल किया। उन्होंने टूट चुके एक लैंप के चारों ओर कंचे लगाए सीडी का बेस बनाकर उसपर मोमबत्ती जलाकर उसे रोशन किया तो उजाला हो गया। दर्शकों ने इसे खूब सराहा।
पिस्ताके खोल से बनाई पेंटिंग: हर्षिताने पिस्ता के खाली खोलों से शानदार पेंटिंग तैयार करके सबको हैरान कर दिया। वहीं वेस्ट डिस्पोजेबल गिलासों से बने पारूल और प्रिया के इंडस्ट्रियल प्रदूषण को दिखाते माॅडल ने भी खूब वाहवाही बटोरी।
क्रिएटिविटीयानी तरक्की: जीएमएनकाॅलेज के मनोविज्ञान के प्रोफेसर सज्जन सिंह ने कहा क्रिएटिविटी यानी आपके दिमाग की खिड़कियां खुली हुई हैं। क्रिएटिव शख्स अपने काम में ज्यादा तरक्की करता है और उसकी सफलता के चांस भी काफी अधिक होते हैं।
कैंट के जीएमएन काॅलेज में आयोजित कॉमर्स फेस्टिवल में वेस्ट सामान से बनाए गए सामान के साथ स्टूडेंट्स।