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जाम : 2 मिनट का रास्ता तय होता है आधे घंटे में
चारदिनकी चांदनी फिर अंधेरी रात। यह कहावत अम्बाला के बाजारों में पनपने वाले जाम पर एक बार फिर से सच हो रही है। आए दिन अम्बाला के सदर बाजार, चमेली पुल, कबाड़ी बाजार, पंसारी बाजार, सब्जी मंडी, विजय रतन चौक और राय मार्केट में ट्रैफिक जाम लगा रहता है।
रविवार को तो यह हालात थे कि कबाड़ी बाजार से सदर बाजार तक आने के लिए भी लगभग आधा घंटा का समय लग रहा था। सदर बाजार चौक के सिवाय ट्रैफिक कर्मी नहीं नजर आया। पहले तो यह था कि दुकानदारों ने सड़कों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। इस कारण जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी, लेकिन अब तो वह भी नहीं है। प्रशासन ने लगभग सभी बाजारों से अतिक्रमण हटा दिया है, फिर भी आमजन को बाजारों में से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
वन-वे किया था सदर
10दिसंबर 2014 को सर्राफा बाजार में लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड जाम में फंस गई थी। इससे सबब लेते हुए प्रशासन ने 11 दिसंबर 2014 से सदर बाजार को वन वे किया था। तब से सदर बाजार में कारों और बड़े वाहनों की एंट्री बंद हो गई थी। इससे लोगों को जाम से थोड़ी तो राहत मिली थी लेकिन प्रशासन की यह योजना ज्यादा दिन नहीं चली। फिर से सदर बाजार में वही हालात हो गए हैं। दोनों ओर से बड़े वाहन आकर बीच में फंस जाते हैं।
कैंट| रविवारको यह हालात थे कबाड़ी बाजार के।
छुट्टी के दिन ज्यादा भीड़
रविवारको छुट्टी होने के कारण काफी लोग अपनी-अपनी कारें लेकर बाजार में उतर जाते हैं। कई कारों में तो एक ही व्यक्ति मौजूद होता है। वहीं शॉपिंग करने वाले भी कम नहीं होते। बढ़ती कारों की संख्या और सिकुड़ती सड़कों से जाम की स्थिति उत्पन्न होना सौभाविक है। प्रशासन को जल्द समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
^थाने मेंमैनपाॅवर की कमी है : कैंटथाना प्रभारी राजीव मिगलानी का कहना है कि उनका पास मैन पॉवर की कमी है। इस कारण दिक्कत रही है। मैन पॉवर की समस्या दूर होते ही सदर बाजार को फिर से वन वे किया जाएगा।