ड्राइवरों को तीन माह से नहीं मिला वेतन
अम्बाला |हमारी आय का कोई और जरिया नहीं हैं। बच्चों के फीस और परिवार का गुजारा कैसे चलाएं। हम बहुत परेशान हैं। ये वाक्य बीएसएनएल में ठेका प्रथा पर गाड़ियां लगाने वाले ड्राइवरों के हैं। तीन माह का वेतन ने मिलने के कारण ड्राइवरों ने बीएसएनएल कार्यालय के बाहर धरना देकर अधिकारियों ठेकेदारों के खिलाफ नारेबाजी की। रविंद्र कुमार, विजय, लाल चंद, संजीव सैनी, मोनू, परमजीत अन्य ड्राइवरों का कहना है कि विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर मौजूद ड्राइवरों ने कहा कि उन्हें सितंबर, अक्टूबर, नवंबर का वेतन मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस, पेट्रोल, डीजल, परिवार की रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। उन्होंने बताया कि ठेकेदार विभाग से 2200 हजार रुपए प्रति गाड़ी लेकर उन्हें 18000 हजार रुपए दे रहें हैं। ड्राइवरों का कहना है कि तीन माह की राशि के बारे में अधिकारियों को कहते हैं तो बात करने से मना कर देते हैं।