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डंपिंग बंद, अब जल्द बनेगा शहीद स्मारक
...माई क्लीनअम्बाला
भास्कर समाधान
नगरनिगमजिस स्थान पर डंपिंग (कूड़ा-कर्कट) कर रहा था। अब वहां पर शहीद स्मारक बनेगा। स्मारक का प्लान वैसे तो चार साल पहले तैयार हो गया था, लेकिन इसमें कुछ रुकावटें आईं। पटवी का सालिड वेस्ट प्लांट शुरू नहीं हुआ और निगम ने शहर का कूड़ा नेशनल हाइवे पर इंडियन ऑयल डिपो के पास डंप करना शुरू कर दिया था। जिसे अब बंद कर दिया गया है।
1857 के शहीदों एवं देश भक्तों की याद में आधुनिक शैली से बनने वाले इस स्मारक का प्लान वैसे तो मई 2010 में तैयार हो गया था। बाकायदा नगर निगम (तब परिषद) की जीटी रोड के किनारे स्थित जमीन को चिन्हित किया गया था। अधिकारियों की टीमों ने दौरे भी किए थे। स्मारक को बनाने के लिए जोर-शोर से कवायद भी शुरू हो गई थी लेकिन बाद में यह ठंडी पड़ गई। कुछ दिन पूर्व स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने मौके पर प्रदर्शन किया था। अब फिर इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी इसे बनाने की मांग भी की थी।
स्मारक की जगह लग गए थे कूड़े के ढेर
निगमइस जमीन पर कूड़ा कर्कट डाल रहा था। यानी, शहर से निकलने वाला 80 टन कूड़ा यहां डंप हो रहा था। तीन साल में निगम यहां पर 85 हजार टन से ज्यादा कूड़ा डंप कर चुका है। जब डीसी के सामने शहीद स्मारक की बात पहुंची तो उन्होंने यहां डंपिंग बंद करा दी। अब कूड़े को डोजर से समतल किया जाएगा।
22 एकड़ में शहीद स्मारक बनना है। प्लान बनने के समय इस पर 17 करोड़ रुपए खर्च आने की बात कही गई थी। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाना है। 70 फुट ऊंचाई और आकर्षक शहीद स्मारक के साथ-साथ 20-20 फुट ऊंचाई की दो दीवारें बननी हैं, जिन पर 1857 की क्रांति के योद्धाओं का उल्लेख होगा। 6 लॉन में 1857 की क्रांति के विवरणों का उल्लेख होगा। अम्बाला के इतिहास तथा 1857 की क्रांति में हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित म्यूजियम भी बनना है। अंतरराष्ट्रीय स्मारक होने के कारण इस स्थल पर विशिष्ट तथा अति विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन की सुविधा के लिए स्मारक के पीछे की ओर और हेलीपैड का भी प्रावधान है। इसके अलावा 500 की क्षमता वाला ऑडिटोरियम हाल भी बनना है। पुस्तकालय, ऑडियाे-वीडियो म्यूजियम, गैलरी के निर्माण की भी योजना है।
रात्रि के लिए लाइट का भी प्रावधान
इसस्मारक पर रात्रि के समय लाइट एंड साउंड प्रोग्राम का भी प्रावधान होगा। दिल्ली से अम्बाला कैंट की ओर आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एक सब-वे भी बनाया जाएगा। भारत-पाकिस्तान के वाघा बार्डर से लेकर दिल्ली के राजघाट के राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर एक पर बनने वाले इस आकर्षक स्मारक से लोगों को विशेषकर युवाओं को शहीदों के जीवन से काफी प्रेरणा मिलेगी।
लोक संपर्क विभाग से मांगी प्लान की रिपोर्ट
^मुझेबताया गया था कि जहां डंपिंग कर रहे हैं वहां शहीद स्मारक बनाने का प्रपोजल है। इसके बाद हमने जमीन का मुआयना किया। वहां डंपिंग बंद कराई गई है। लोक संपर्क विभाग को लिखा गया है कि वह इस प्लान की पूरी रिपोर्ट दें। रिपोर्ट मिलने के बाद स्मारक को बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। निगम की जमीन को पर्यटन विभाग को सौंप दिया जाएगा। मनदीपसिंह बराड़, डीसी, अम्बाला।