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सुबह साढे़ सात बजे निगम में ज्वाइंट कमिश्नर का छापा
प्रधानमंत्रीनरेंद्रमाेदी 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाकर दुनिया के मॉडल देशों की कतार में शामिल करना चाहते हैं परंतु उनकी सोच दूर की कौड़ी साबित होती दिखाई दे रही है। कैंट के लोगों का मुख्य मुद्दा सफाई का होना ही है। अम्बाला का नाम देश के सबसे गंदे शहरों में शुमार होता है। इसकी वजह एक ये भी है कि सफाई कर्मचारी अपनी मर्जी के मालिक हो चले हैं।
कई अधिकारी और अफसर नगर निगमों में दबिश देकर कार्रवाई भी करते हैं परंतु कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है। ऐसा ही एकबार फिर हुआ कैंट नगर निगम में जहां सुबह साढ़े सात बजे ही नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर कमलप्रीत कौर ने छापामार दिया। हाजिरी चेक की तो लगभग दो दर्जन सफाईकर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। इनके नाम दर्ज करके कार्रवाई की शुरुआत कर दी गई है। कच्चे और पक्के कर्मचारियों पर अलग-अलग तरीके से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर निगम से निप्टने के बाद जेसी ने कैंट के मुख्य रास्तों का निरीक्षण किया। कई जगह गंदगी अौर अतिक्रमण पाया गया है, जिसे हटाने के निर्देश ईअो को दे दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर के दौरे के बाद सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने जेसीबी बुलवाकर बाजारों से गंदगी को हटवाने का काम कराया। संजय दत्त ने बताया कि कैंट के चप्पे-चप्पे काे निखारने का काम शुरू हाे गया है जिसका असर जल्दी दिखाई देगा।
छापोंका असर बेअसर: कच्चेबाजार के रामकुमार ने कहा कि आए दिन अधिकारी निगम में दबिश देते हैं। कर्मचारी नदारद मिलते हैं। उनपर क्या कार्रवाई होती है कभी पता नहीं चलता। अधिकारियों को कड़े एक्शन लेने चाहिए तभी इसका असर दिखेगा। फिलहाल तो छापे बेअसर दिखाई दे रहे हैं।
कैंट सदर बाजार निकलसन रोड पर सफाई करते निगमकर्मी।