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20 साल की सजा के बावजूद सिख कैदी जेलों में: सुखवंत

7 वर्ष पहले
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बराड़ा| जेलोंमें सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई के लिए गुरुद्वारा साहिब लखनौर साहिब (अम्बाला) में पिछले काफी दिनों से भूख-हड़ताल पर बैठे बाबा गुरबख्श सिंह खालसा की ओर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी सरकार द्वारा कोई ध्यान दिया जाना निंदनीय है। यह कथन शुक्रवार को गुरुद्वारा श्री दशमेश साहिब सिंहपुरा बराड़ा में आयोजित बैठक के उपरांत भाई सुखवंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पंजाब में पिछले दो दशकों से आतंकवादी लहर तथा अमन-शांति बहाल होने के दावे तो किए जा रहे हैं लेकिन दो दशकों से उम्रकैद की सजा वाले सिख 20 सालों सें भी ज्यादा सजा काटने के बावजूद जेल की सलाखों के पीछे रह रहे हैं। बाबा गुरबख्श सिंह खालसा द्वारा फिलहाल 7 कैदियों की रिहाई के लिए ही लड़ाई लड़ी जा रही है। उल्लेखनीय है कि इन लोगों की रिहाई हेतु पिछले वर्ष 14 नवंबर को बाबा गुरबखश सिंह खालसा द्वारा मामला उठाया गया था। 44 दिनों की भूख हड़ताल के उपरान्त श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार बाबा गुरबचन सिंह की ओर से रिहाई का आश्वासन देने के बाद बाबा गुरबखश सिंह ने भूख हड़ताल समाप्त की दी। एक साल बीत जाने के बाद भी कैदियों की रिहाई के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बाबा गुरबखश सिंह की मांग को जायज मानते हुए निरवैर खालसा दल दोसड़का, गुरु ग्रंथ सेवक जत्था तथा क्षेत्र की अन्य सिख धार्मिक सस्थाओं द्वारा एक दिसंबर को तहसीलदार शाहाबाद, जिला उपायुक्त अंबाला विधायक मुलाना संतोष चौहान सारवान को एक मांग पत्र भी सौंपा था। इसी संदर्भ में गुरुद्वारा 10 वीं पातशाही लखनौर साहिब (अंबाला) में 12 दिसंबर को श्री अखण्ड पाठ साहिब का शुभारंभ किया गया है जिसका 14 दिसंबर को भोग डाला जाएगा।