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- 5000 के हिसाब से छह माह का एडवांस लेकर दुकानदार ही लगवाते हैं रेहड़ी फड़ी
5000 के हिसाब से छह माह का एडवांस लेकर दुकानदार ही लगवाते हैं रेहड़ी-फड़ी
एडवोकेटएसकेएस बेदी की 3 साल से चल रही कार्रवाई अपने मुकाम तक पहुंचना तो दूर अब उस मुहिम का तो जिला प्रशासन को कोई डर है, ही दुकानदारों को कोई भय है। जिस सदर बाजार और बजाजा बाजार में 3 अप्रैल को प्रदेश में सबसे बड़े स्तर की अभी तक की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को अंजाम दिया गया था, वहां अब रेहड़ी-फड़ी वालों का स्थाई अतिक्रमण हो गया है। एक दिन पहले सर्राफा बाजार में हुई आगजनी की घटना के बाद भी प्रशासन जागने का नाम नहीं ले रहा है। मंडे मार्केट ताे अब कहने की ही रह गई अब तो सदर बाजार में रोजाना ही मंडे मार्केट सजती है।
दरअसल सदर बाजार और बजाजा बाजार के दुकानदार खुद इस अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। इन फड़ी रेहड़ी वालों से 5 हजार रुपए प्रति माह अपनी दुकानों के आगे स्थाई रूप से रेहड़ी-फड़ी लगाने के यह दुकानदार वसूल रहे हैं। ज्यादातर दुकानदार 6 महीनों का एडवांस इन फड़ी वालों से ले लेते हैं। लिहाजा रेहड़ी-फड़ी वाले भी बेखौफ होकर दुकानों के आगे स्थाई कब्जा जमाए हुए हैं। हालांकि जब आम आदमी अपनी बाइक भी इनकी दुकानों के आगे खड़ी कर दे तो यही दुकानदार उससे लड़ने लगते हैं।
नाम छापने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने तो शुरू से ही मंडे मार्केट रेहड़ी-फड़ी वालों का विरोध किया है लेकिन ज्यादातर दुकानदारों की आमदनी का जरिया यही रेहड़ी-फड़ी वाले बन गए हैं। उन्होंने बताया कि एक बार में रेहड़ी-फड़ी के एक हजार रुपए कम से कम तय हैं। यानी महीने में चार हजार। जो स्थाई रूप से लगाना चाहते हैं उनसे 1 हजार अधिक और 6 माह का एडवांस ले लिया जाता है। इसी में से आधी से कम राशि नगर निगम के अफसरों को चली जाती है। इसी कारण निगम भी कार्रवाई नहीं करता।
हर दुकानदार को रखना होगा फायर एक्टिंग यूजर
भास्करकी पहल के बाद नगर निगम अब जल्द ही आदेश पारित कर हर दुकानदार के लिए फायर एक्टिंग यूजर लगाना जरूरी करेगा। भास्कर से विशेष बातचीत में नगर निगम के ईओ ने यह बात स्वीकार करते हुए बताया कि जो नहीं मानेगा, उसका चालान करेंगे।
सिक्योरिटीरही टाइट लेकिन कार्रवाई शून्य
बुधवारकी घटना के बाद गुरुवार को सदर बाजार में बेशक सुरक्षा कर्मचारी बाजार में मौजूद थे, लेकिन इन्होंने किसी को अतिक्रमण करने से रोका न, बाजार के बीचों-बीच खड़े वाहनों को व्यवस्थित करने की जरूरत समझी।
इधर अतिक्रमणकारियों ने तोड़ डाली पाइप लाइन
मच्