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आशियाना उजड़ने के डर से काम छोड़ घर बैठा हरविंद्र
अम्बाला | प्रशासनकी कार्रवाई ने रामबाग गोशाला बस्ती के रहने वाले हरविंद्र को अंदर से तोड़कर रख दिया है। उसकर नई नवेली दुल्हन मीना के आंसू भी रुकनेे का नाम नहीं ले रहे। उन्हें एक ही डर हर पल अंदर ही अंदर खाए जा रहा है कि जाने उनका आशियाना प्रशासन का पीला पंजा कब गिरा जाए। पड़ोस की महिलाओं ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रशासन के लिए भी लोगों की एकता कड़ी चुनौती पैदा कर सकती है।
हरविंद्र ने बताया कि जिस तरह से प्रशासनिक अमला अचानक उसका बन रहा मकान गिराने पहुंचा वह तरीका ठीक नहीं था। निर्माण किसी भी तरीके से अवैध नहीं है। मकान को ठीक करने का काम चल रहा था। प्रशासन ने कुछ लोगों के बहकावे में आकर काम को रुकवाने का काम किया है।
पहलीसालगिरह मनाना चाहता था नए घर पर: हरविंद्रने बताया कि उसकी शादी पिछले साल 9 अक्टूबर को मीना के साथ हुई थी। सोचा था शादी की सालगिरह के मौके पर गृह प्रवेश भी हो जाएगा हरविंद्र ने बताया कि वह अब सब खुशियों में खलल पड़ गया। हरविंद्र ने बताया कि प्रशासन की कार्रवाई के डर की वजह से उसने काम भी छाेड़ दिया है जाने कब निगम का पीला पंजा मकान को गिरा जाए। उसने बताया कि कार्रवाई के बाद से उसके पिता कैलाश की तबीयत भी बिगड़ गई है और वो भी हर पर डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
गोशाला बस्ती की रहने वाली विजयलक्ष्मी ने कहा कि प्रशासन की ओर से उठाया कदम सरासर गलत है। इलाके के लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं। प्रशासन को किसी के साथ नाजायज नहीं करने दिया जाएगा।
अपनी परेशानी बताता हरविंद्र।