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निगम को दिन में दी शिकायत, रात को पहुंची टीम, 20 लोगों को काट गया पागल कुत्ता

5 वर्ष पहले
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जिम्मेदार सिर्फ बयानबाजी तक सिमटे, कार्रवाई के लिए बैठक में अभी तक पास नहीं हुआ मुद्दा

एनजीओ करेगा नसबंदी

पशुपालनविभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि गुड़गांव हिसार कमिश्नरी में एनजीओ को स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी कर रही है। हरियाणा ऐसे पहला प्रदेश है जहां पूरे प्रदेश में दो साल के लिए डॉग्स की नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। कई जगह डॉग्स की नसबंदी कर भी दी गई है।

रात 11 बजे निगम पुलिस कर्मचारी निकलसन रोड पर आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निकले।

ये है कोर्ट में याचिका

एडवोकेटगौरव राजपूत के अनुसार सीजेएम एके जैन की कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिसमें स्टेट हरियाणा, डायरेक्टर चंडीगढ़, सीएम विंडो, नगर निगम कमिश्नर, सीएमओ को पार्टी बनाया गया है। याचिका में कहा गया कि स्ट्रीट डॉग्स की तादाद गली, मोहल्लों, सड़कों पर बहुत बढ़ गई है। इनके कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। डॉग्स की संख्या कम करने के लिए इनके लिए शैल्टर होम बनाए जाएं। इनकी नसबंदी कराई जाए या फिर इन्हें ऐसी कोई फीड या दवा दी जाए ताकि इनकी तादाद कम हो।

{ कैंट-सिटी में स्ट्रीट डॉग्स का शिकार हो रहे लोगों को अब नगर िनगम ही राहत दे सकता है। निगम ने 17 हजार स्ट्रीट डॉग्स की पहचान की है। इन सभी की नसबंदी कर इनकी तादाद को कम किया जाएगा। इसके लिए डायरेक्टर ऑफिस से विशेष ग्रांट मांगी है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि स्ट्रीट डॉग्स को लेकर कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।

{असल में ट्विन सिटी का ऐसा कोई चौराहा नहीं है जहां अंधेरा छाते ही स्ट्रीट डॉग्स के झुंड एकत्रित हो जाते हैं जो सुबह होने तक रहते हैं। रात को या फिर सुबह जो लोग सैर के लिए निकलते हैं, उन्हें स्ट्रीट डॉग्स काटने को दौड़ते हैं। निगम के पास जब शिकायतें पहुंची तो निगम की बैठक में भी इस मुद्दे को रखा गया था फिर भी इनकी तरफ निगम ने ध्यान नहीं दिया। जंडली के राजकुमार शर्मा ने वकील के माध्यम से कोर्ट में याचिका दायर की है।

डॉग बाइट का खर्च निगम का

पार्षदहरीश शर्मा ने कहा कि स्ट्रीट डॉग निगम की जिम्मेदारी है इसलिए इनके काटने पर लोगों का इलाज कराने की जिम्मेदारी भी निगम की बनती है। निगम को ही स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ना चाहिए।

लाइसेंस लेना जरूरी : मेयर

मेयररमेश मल ने कहा कि पालतू डॉग्स के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। जो स्ट्रीट डॉग्स हैं, उनके लिए निगम के साथ पार्षद काफी गंभीर हैं। इस मसले को बैठक में पास कराकर सरकार के पास भेजेंगे।

भास्कर न्यूज | अम्बाला

कैंटकेनिकलसन राेड पर रात 9 से 11 बजे तक दहशत का माहौल था। पागल कुत्ते ने इस बीच करीब 20 लोगों को काट खाया। घायलों ने निजी सरकारी अस्पताल में उपचार करवाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निकलसन रोड पर दिन में ही पागल कुत्ते को लेकर लोगों ने निगम को सूचना दी थी, लेकिन लोगों की शिकायत पर निगम ने कार्रवाई नहीं की। रात होते ही जब सड़क पर कुत्ते ने लोगों को काटना शुरू किया तो बाजार में दहशत का माहौल गया गया। घायलों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।

देर रात करीब 10.30 बजे निगम कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने निकलसन रोड, हनुमान मार्केट और सर्राफा बाजार में अभियान चला कर आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया, लेकिन वे कुत्तों को पकड़ने में नाकाम रहे।

सदर बाजार निवासी मोहित ने बताया कि पिछले दो दिनों से इलाके में एक पागल कुत्ता घूम रहा था जिसने बुधवार को तीन बच्चों समेत नाै लोगों को काट लिया। मोहित ने बताया कि इसके बाद जब नगर निगम में कुत्ते को पकड़ने के लिए फोन किया गया तो वहां से आनाकानी भरा जवाब मिला। इसके बाद कोई भी कोई कर्मचारी कुत्ते को पकड़ने नहीं अाया और कुत्ते ने कई लोगों को काट लिया। मोहित ने बताया कि सदर बाजार में लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं और यह कुत्ता लोगों के लिए खतरा साबित हो सकता है।

निगमसे सिर्फ दो लाइसेंस धारी: सिर्फदो लोगों को छोड़कर आज तक किसी ने भी नगर निगम से डॉग्स का लाइसेंस नहीं लिया है। जबकि नियम के अनुसार अगर कोई डॉग्स को पालता है तो उसे निगम से लाइसेंस लेना जरूरी है। सिटी कैंट में लगभग 17 हजार से ज्यादा पालतू कुत्ते हैं।

कैंट के सिविल अस्पताल में पागल कुत्ते का शिकार हुई नन्ही बच्ची।

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