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भूकंप से मची अफरातफरी, घरों से बाहर आए लोग

5 वर्ष पहले
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रामनगर में भूकंप के झटकों के कारण दशहत में घरों से बाहर आए लोग।

जितनी तेजी से भूकंप के झटके महसूस किए गए, उतनी ही तेजी से सोशल मीडिया पर भूकंप की जानकारी वायरल हुई। हर किसी ने इस सूचना को समय रहते अपने जानकारों तक पहुंचाने की कोशिश की। ऐसा इसलिए भी हुआ ताकि लोग सोशल मीडिया पर जानकारी मिलते ही सतर्क हो जाएं और अपने-अपने घरों से बाहर जाएं। किसी तरह की अनहोनी हो, इसे लेकर भी लोगों ने अपनी जान-पहचान वालों को फोन पर सूचना दी। सोशल मीडिया पर एक्टिव तमाम ग्रुपों में भी यह समाचार तेजी से वायरल हुआ। जिस किसी ने भी इसे पढ़ा, उसे अपने जानकारों तक पहुंचा दिया। भूकंप कहां और किस केंद्र से आया, इसकी जानकारी भी सोशल मीडिया पर समय रहते अपलोड कर दी गई।

भूकंप का केंद्र उत्तराखंड का पिथौरागढ़ बताया जा रहा है जोिक जमीन से 20 किलोमीटर नीचे था। पिथौरागढ़ जिले के सभी हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। पंजाब के चंडीगढ़ समेत दूसरे कई इलाकों में भी तेज झटके महसूस किए। सबसे अिधक अफरातफरी का माहौल ऊंचे अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बीच रही।

{पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं जो लगातार घूम रही हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है।

{बार-बार टकराने से प्लेट के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं।

{नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। डिस्टरबेंस के कारण भूकंप आता है।

{भूकंप की तीव्रता प्लेट्स के टूटने पर अिधक हो जाती है।

भास्कर न्यूज | अम्बाला

सोमवाररातअम्बाला के कुछ लोग सो रहे थे और कुछ लोग सोने की तैयारी में थे। देर रात 10.35 बजे भूकंप के 3 झटके आए। झटके 15 सेकेंड तक आते रहे। पहले दो झटके महसूस नहीं हुए। तीसरे झटके में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई है। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जा रहा है। देखते ही देखते अम्बाला में दहशत का माहौल हो गया। लोग घरों से बाहर गए और अपने-अपने सगे-संबंधियों को फोन पर सूचना देने लगे।

कैंट राम नगर के मनोज कुमार ने बताया कि वह 10.30 बजे घर के बाहर थे तभी अचानक कुत्ते भौंकने लगे। माना जाता है कि जानवरों को भूकंप का एहसास हो जाता है। शायद इसी वजह से कुत्ते भौंकने लगते हैं। जैसे ही वह घर में पहुंचे, तभी भूकंप के झटके महसूस हुए। दुर्गा नगर के सुनील धीमान ने भास्कर को फोन पर बात करके बताया कि वे सो रहे थे कि बेड हिलने लगा। डर के मारे वे बाहर गए। कॉलोनी के लोगों में दहशत थी और कई लोग घरों से बाहर गए थे।

वहीं नाहन हाउस के अजय मल्होत्रा और जगाधरी गेट के संदीप कुमार ने बताया कि घर के बाहर शीशों में झटकों के कारण दरारें गई थीं। हालांकि अभी तक अम्बाला में भूकंप की वजह से हुए नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

सिटी की शिवालिक कॉलोनी के राकेश बंसल राहुल मित्तल ने बताया कि वे सोने की तैयारी में थे, उन्होंने घर में लगे झूमर हिलते हुए देखे। झटकों का एहसास होते ही वे घरों से बाहर गए।

नारायणगढ़, मुलाना बराड़ा में भी लोगों ने झटके महसूस किए। इस दौरान कई लोग घरों से बाहर गए और भूकंप के बारे में बातें करते देखे गए।

अम्बाला| जिलेमें दोपहर बाद से 10 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से सर्द हवाएं चलती रही। हालांकि दोपहर में आसमान साफ था। लेकिन अलसुबह घना कोहरा छाया रहा। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले अभी कुछ दिनों तक कोहरा इसी तरह से छाया रहेगा। सोमवार को अधिकतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कोहरेके कारण वाहनों की थमी रफ्तार, कई गाड़ियां हुई लेट | सोमवारसुबह कोहरा छाया हुआ था। इस कारण लोगों को वाहन चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात यह थे कि एक वाहन के पीछे लंबी लाइन चल रही थी। किसी तरह की अनहोनी हो, इसलिए लोग धीमी गति से वाहन चला रहे थे। इसके अलावा दर्जनों ट्रेनें भी कोहरे के कारण अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंची। मंगलवार को भी घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी है।

सिटी में सुबह सोया की फसल पर पड़ी ओस की बूंदें।

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