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365 दिन में 27 रेड, 90 लोग गिरफ्तार, आठ डॉक्टरों के साथ 10 अल्ट्रासाउंड मशीनें सील

5 वर्ष पहले
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~400 में कमरा किराए पर लेकर हो रही थी भ्रूण लिंग जांच

नाहन-चंडीगढ़रोडस्थित एक होटल में गैरकानूनी तरीके से भ्रूण लिंग जांच का खेल चल रहा था। यह खेल 12वीं पास राजबीर चला रहा था जोकि 400 रुपए में होटल का कमरा लेकर गर्भवती महिलाओं को लड़का होने की बधाइयां देकर पैसे ऐंठता था। इस खेल में राजबीर का साथ महिला एजेंट बचनी देवी ड्राइवर शेर सिंह दे रहे थे। वह भी प्रति केस अपनी कमीशन समय पर ही वसूल लेते थे।

मगर मंगलवार की रात इन तीनों पर भारी पड़ गई। जैसे ही इन्होंने स्वास्थ्य विभाग के बाेगस ग्राहक को बेटा होने की बधाई दी, उसी समय जांच टीम ने इनके खेल से पर्दा उठा दिया। यही नहीं स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने इन तीनों को लैपटॉप नुमा मशीन सहित गिरफ्तार भी कर लिया है। दरअसल, सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता को सूचना मिली कि नाहन-चंडीगढ़ रोड स्थित सिंह होटल में लिंग जांच का खेल चल रहा है। किसी तरह कड़ी दर कड़ी जोड़कर स्वास्थ्य विभाग की टीम इस्माइलाबाद के गांव सैनी माजरा में रहने वाली बचनी देवी तक पहुंची। इससे स्वास्थ्य विभाग की महिला बोगस ग्राहक ने बात की। तब बचनी देवी ने 20 हजार में लिंग जांच करवाने का दावा किया। लिहाजा पहली कड़ी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. विपिन भंडारी की देखरेख में टीम का गठन कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम बचनी देवी को गांव नग्गल में मिली। पहले उसने पूंडरी या ठोल में लिंग जांच करवाने की बात कही। मगर वह बोगस ग्राहक को नारायणगढ़ बस स्टैंड पर ले गई। जहां उसकी मुलाकात रतौर निवासी शेर सिंह से हुई। जोकि इन्हें अपनी बाइक से नाहन-चंडीगढ़ रोड स्थित सिंह होटल पर ले गया। वहां होटल के दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पहले से गांव लालपुर निवासी राजबीर बैठा था। जोकि किसी के यहां कंपाउंडर का काम करता था और अब खुद को डॉक्टर बताता था। इसने कमरे में लाइट बंद करके बोगस ग्राहक की लिंग जांच करके लड़का होने की बधाई दी। फिर शेर सिंह और बचनी देवी बोगस ग्राहक को लेकर वापिस गए। मगर वहां टीम ने इन दोनों को काबू कर लिया और इनसे 12 हजार बरामद कर लिए।

आरोपियों को अदालत में पेश करने ले जाती पुलिस।

}डॉक्टर की ओर से लिखे जाने वाले घोषणा पत्र में डॉक्टर डॉक्टर के हस्ताक्षर जरूरी

}अबॉर्शन हिस्ट्री पूरी होनी चाहिए। एमटीपी परमिशन लेनी जरूरी है।

}अल्ट्रासाउंड गर्भपात सहमति फार्म पर मरीज के हस्ताक्षर जरूरी

}अल्ट्रासाउंड करवाने वाले का आईडी प्रूफ और पहचान तक लिया जाता है।

}अस्पताल में जिन मरीजों का अल्ट्रासाउंड हो उनके नाम, पते मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी।

^पिछले एक साल में विभाग का काम शानदार रहा है। विभाग ने कड़ी दर कड़ी रेड करके कई लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी केस कोर्ट में विचाराधीन हैं। लिंगानुपात को पहले नंबर पर लाने के लिए विभाग पूरी मेहनत कर रहा है और इस तरह लिंग जांच के नाम पर लिंगानुपात घटाने वालों पर भी नकेल कसने में लगा हुआ है। डॉ.विनोद गुप्ता, सीएमओ अम्बाला।

लिहाजा स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई देखकर बचनी देवी और शेर सिंह दंग रह गए। इसके बाद पूछताछ हुई और यह सीधा होटल पर पहुंचे। मगर तब तक राजबीर अपना टीन टप्पन लेकर फरार हो चुका था। टीम ने पुलिस के सहयोग से राजबीर को भी लैपटॉप नुमा मशीन सहित काबू कर लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया है। जिससे पैसों की बरामदगी करनी है। यह लोग पहले भी होटल के कमरे में लिंग जांच का खेल खेल चुके हैं और 400 रुपए में कमरा किराए पर लेते थे।

विभाग ने दस अल्ट्रासाउंड मशीन भी सील की। यह कार्रवाई पुलिस के साथ मिलकर की गई और इनका रिकॉर्ड विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाया गया। हालांकि पूर्व में केस के दौरान दो लोगों ने स्टेट के पास अपील की। दो डॉक्टरों की मशीनों को डी सील किया गया। मगर विभाग की दस अल्ट्रासाउंड मशीन से अलग हैं।

विभागीय कार्रवाई के दौरान कोर्ट से पांच लोगों को सजा हो चुकी है। इनमें लैब टेक्नीशियन सहित अन्य को कोर्ट से दिसंबर 2015 में दो साल की सजा हुई थी। जबकि शहजादपुर के डॉ. शिव कुमार को निचली अदालत से दो साल की कैद हुई थी। मगर सेशन कोर्ट में अपील के बाद उनकी सजा घटकर एक साल हो गई।

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