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बचपन के दोस्त थे, बिजनेस में हुआ घाटा तो शुरू किया लोगों को ठगना

5 वर्ष पहले
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अम्बाला. एटीएम फ्रॉडकर लोगों को ठगने वाले पकड़े तीनों ग्रेजुएट बचपन के दोस्त थे। वह तीनों अलग-अलग जगहों पर नौकरी करते थे।

नौकरी में सैलरी ज्यादा नहीं मिलती थी तो दोस्तों ने इंश्योरेंस कंपनी खोली। कंपनी में घाटा होने के बाद इस तरह से ठगी करने का प्लान बनाया था। बुधवार को चंडीगढ़ साइबर सेल ने पकड़े गए तीनों दोस्तों को कोर्ट में पेश किया जहां से आशीष मेहता को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है जबकि वंश और रवि शर्म को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

अम्बाला पुलिस का दावा है कि तीनों में अम्बाला जिला में कई वारदातें की हैं और इन्हें यहां लाकर कई वारदातों का खुलासा हो सकता है। इसके लिए अम्बाला पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस से बात भी कर ली है ताकि यहां के केसों को जल्द से जल्द से सुलाया जा सके। शातिर ठगों ने अम्बाला अौर इसके आसपास के इलाकों में भी वारदातों को अंजाम दिया है और वारंट के दौरान पुलिस उनसे यह उगलवाने का प्रयास करेगी कि उन्होंने लोगों को कैसे ठगा।

पुलिस की एक टीम आशीष को साथ लेकर दिल्ली में रेड करने के लिए गई हुई है जहां से एटीएम, सिम कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए जाएंगे। उनके बरामद होने के बाद टीम वापिस यूटी लौटेगी।
कंपनी में हुआ था नुकसान: पुलिसकी जांच में सामने आया है कि तीनों दोस्त रोहिणी में रहते थे। आशीष और वंश कॉल सेंटर में काम करते थे जबकि रवि शर्मा अलग प्राइवेट नौकरी करता था। तीनों में गहरी दोस्ती थी। नौकरी पर सैलरी ज्यादा मिलने पर तीनों ने इंश्योरेंस कंपनी खोली लेकिन उन्हें काफी नुकसान हो गया था।
अम्बालापुलिस ने किया कॉन्टैक्ट
आरोपियोंसे रिकवरी करने के लिए अम्बाला पुलिस ने भी यूटी पुलिस साइबर सेल के साथ कॉन्टैक्ट किया है। उनका कहना है कि उनके एरिया में कई ठगिया इन आरोपियों ने की है। इसके चलते अम्बाला पुलिस जल्द ही आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जाएगी।

आशीष था मास्टरमाइंड
पुलिसके मुताबिक आशीष मेहता पहले भी इसी तरह के कॉल सेंटर में काम कर चुका है तो वह जानता था कि कैसे ठगी करनी है। उसने सभी से बात की और पूरा प्लान बनाया। प्लान के तहत वंश ने ऑफिस लिया और तीनों ने मिलकर ठगी करनी शुरू कर दी। वह महीने में लाख रुपए से सवा लाख रुपए तक ठग लेते थे। उनको हाई-फाई जिंदगी चाहिए थी और घाटा होने के बाद वह दोबारा नौकरी नहीं करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने ये प्लान बनाया। ]

आशीष से रिकवरी के लिए टीम को दिल्ली भेजा है
तीनोंएक ही जगह रहते हैं जिस वजह से एक-दूसरे को जानते हैं। आशीष से कुछ रिकवरी होनी है जिसके लिए एक टीम को दिल्ली भेजा गया है। बाकी दोनों को कोर्ट ने ज्यूडिशियली भेज दिया गया है। आशीष कॉल सेंटर में काम करता था जिस कारण से वह जानता था कि कैसे ठगी करनी है। हरिंदरसिंह सेखों, इंस्पेक्टर साइबर सेल।
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