चंडीगढ़. हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद मेवात के एसपी को हाईकोर्ट में हाजिर न होना महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट ने एसपी द्वारा भेजे गए डीएसपी को शाम तक कोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस की निगरानी में बैठाए रखा और साथ ही एसपी को नोटिस जारी कर पूछा है क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाए। मामला 2013 में मेवात में हुई शेर खान की हत्या की सीबीआई जांच से जुड़ा है। मृतक के भाई दीना की ओर से एडवोकेट मोहम्मद अरशद ने कहा कि याची के भाई की तीन साल पहले हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं कर रही है। याची ने कहा कि आरोपी प्रभावशाली हैं और इसी के चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही। याचिका में मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की गई थी। हरियाणा सरकार ने जवाब दायर कर कहा था कि सभी आरोपी हिरासत में हैं। हाईकोर्ट ने इस पर सीजेएम को रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सीजेएम ने रिपोर्ट में बताया कि महज एक आरोपी ही हिरासत में है। इस पर हाईकोर्ट ने मेवात के एसपी को हाजिर रहने के निर्देश दिए थे।
पूछा-क्यों न अवमानना की कार्रवाई की जाए
वीरवार को जैसे ही मामले की सुनवाई आरंभ हुई एसपी की जगह उनके द्वारा भेजे गए डीएसपी हाजिर हुए। हाईकोर्ट ने कहा कि आदेशों के अनुरूप एसपी को हाजिर होना था फिर डीएसपी को क्यों भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि इसे स्पष्ट है कि एसपी अदालत के आदेशों की पालना करना भूल गए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारियों का रवैया यदि लापरवाह है तो फिर जरूरी है कि उन्हें कोर्ट के आदेशों की पालना करना सिखाया जाए। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की ओर से मौजूद वकील को कहा कि वे अगली सुनवाई पर हरियाणा के डीजीपी का पक्ष रखें कि कोर्ट के आदेशों की ऐसी अनदेखी करने वाले को क्या एसपी जैसे संवेदनशील पद पर बनाए रखा जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने साथ ही एसपी को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।