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हरियाणवी बताकर दो कुश्ती खिलाड़ियाें ने 2-2 करोड़ रु. इनाम लिए, होगी जांच

5 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ . गलत दस्तावेजों के जरिए खुद को हरियाणा का निवासी बताकर सरकार से नकद इनाम लेने वाले दो कुश्ती खिलाड़ियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। 19 सिंतबर से 4 अक्टूबर 2014 तक दक्षिण कोरिया में हुए 17वें एशियाई खेलाें में दोनों ने कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता था। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने गलत तथ्य व दस्तावेज पेशकर 2-2 करोड़ रुपए के पुरस्कार हासिल कर लिए।
विजिलेंस ब्यूरो को इन पर मामला दर्ज करके जांच करने को कहा गया है। खेल मंत्री अनिल विज ने बताया कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता मंजीत सिंह चिल्लड़ और राकेश कुमार को सितंबर 2015 को पुरस्कार स्वरूप 2-2 करोड़ रुपए दिए गए थे। सरकार की पॉलिसी के तहत इनका हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी था। बाद में शिकायत मिली कि इन दोनों खिलाड़ियों ने फर्जी डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण-पत्र) के आधार पर इनाम राशि प्राप्त की है। असल में दोनों हरियाणा के मूल निवासी नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि विभागीय जांच में पता चला कि चिल्लड़ ने अर्जुन अवॉर्ड प्रमाण पत्र में दिल्ली का स्थाई पता लिखाया हुआ था। उसने खुद 2008 में हरियाणा अाना बताया जबकि मूल निवास के लिए 15 साल से प्रदेश में रहने का प्रमाण होना चाहिए। इसी प्रकार राकेश कुमार के 12वीं कक्षा के सीबीएससी सर्टिफिकेट में जन्मतिथि अंकित नहीं है, जबकि अन्य दस्तावेजों में उसकी मां का नाम अलग-अलग लिखा है। जैसे आवेदन फार्म में उसने अपनी मां का नाम तुलसा देवी लिखा है। स्कूल सर्टिफिकेट में शीला देवी और जन्म प्रमाण पत्र में हेम कौर लिखा होना पाया गया है। राकेश भी दिल्ली में रहता है और वहीं उसकी पत्नी जॉब करती है, लेकिन बहादुरगढ़ में उसने अपने भाई के राशनकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाया हुआ है।